उत्तर प्रदेशराज्य

सोनभद्र में चिता पर रखने के बाद शव में महसूस हुई हलचल, जिंदा होने की आशंका में घर लाए परिजन; डॉक्टरों ने फिर मृत घोषित किया

बभनी: सोनभद्र के कोंगा गांव में एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार से पहले ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। दाह संस्कार के लिए पांगन नदी के तट पर ले जाए गए शव में कुछ लोगों को हलचल महसूस हुई। इसके बाद परिजनों ने महिला के जीवित होने की आशंका में अर्थी को चिता से उठाया और शव को वापस घर ले आए। हालांकि, दोबारा जांच के बाद निजी चिकित्सक और सरकारी एंबुलेंस में मौजूद डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शुक्रवार सुबह उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

लंबी बीमारी के बाद हुई थी महिला की मौत

कोंगा गांव के पूर्व प्रधान कृष्णा नंद की पत्नी दुर्गावती की लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को मौत हो गई थी। उनकी उम्र 40 वर्ष थी। परिजनों के अनुसार, वह पीलिया और लिवर में सूजन की समस्या से पीड़ित थीं। इलाज के दौरान बुधवार देर रात उनकी मौत हो गई थी।

गुरुवार सुबह परिजन और ग्रामीण दाह संस्कार के लिए दुर्गावती का शव लेकर पांगन नदी पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों को अर्थी में हलचल महसूस हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी परंपरा के अनुसार नाड़ी जांची और महिला के जीवित होने की आशंका जताई।

जीवित होने की आशंका में शव घर लाए

शव में हलचल महसूस होने के बाद परिजन उसे वापस घर ले आए। उन्हें उम्मीद थी कि शायद दुर्गावती जीवित हों। इसके बाद गांव के निजी चिकित्सक से उनकी जांच कराई गई। सरकारी एंबुलेंस में मौजूद डॉक्टरों ने भी महिला की जांच की।

दोबारा जांच के बाद डॉक्टरों ने दुर्गावती को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने उनकी मौत की पुष्टि होने पर शुक्रवार सुबह पांगन नदी के तट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

घटना ने ग्रामीणों को किया हैरान

अंतिम संस्कार से पहले शव में हलचल महसूस होने और उसे जीवित होने की आशंका में वापस घर लाए जाने की घटना से गांव में लोगों के बीच काफी चर्चा रही। परिजनों की भावनात्मक स्थिति और ग्रामीणों की आशंका के बीच दोबारा डॉक्टरों से जांच कराई गई, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।

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