अन्तर्राष्ट्रीय

₹85,000 बनाम ₹35! ब्लड कैंसर की दवा की कीमत को लेकर अमेरिकी महिला का दावा वायरल, भारत-अमेरिका हेल्थकेयर पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका में दवाओं की कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में एक अमेरिकी महिला ने दावा किया है कि जिस ब्लड कैंसर की दवा की एक गोली अमेरिका में करीब 900 डॉलर यानी लगभग 85 हजार रुपये में मिलती है, वही दवा भारत में महज 35 से 300 रुपये के बीच उपलब्ध है। महिला के इस दावे के बाद दोनों देशों की स्वास्थ्य व्यवस्था और दवा मूल्य निर्धारण को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में लिज़ नाम की महिला ने भारत और अमेरिका की हेल्थकेयर व्यवस्था की तुलना करते हुए अपनी आंटी के इलाज का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि उनकी आंटी ब्लड कैंसर के उपचार के लिए रेवलिमिड नाम की दवा का सेवन करती हैं, जिसकी कीमत अमेरिका में बेहद अधिक है।

अमेरिका में एक गोली की कीमत 900 डॉलर बताई

लिज़ ने वीडियो में कहा कि अमेरिका में इस दवा की एक गोली की कीमत लगभग 900 डॉलर है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 85 हजार रुपये बैठती है। वहीं, उन्होंने दावा किया कि भारत में इसी दवा के जेनेरिक विकल्प 35 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां कई आवश्यक दवाएं अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हैं। उनके अनुसार, जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता के कारण मरीजों को उपचार पर कम खर्च करना पड़ता है।

भारत की सस्ती दवाओं की तारीफ, अमेरिकी व्यवस्था पर सवाल

वीडियो में महिला ने भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि भारत अपने नागरिकों को अपेक्षाकृत सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं और दवाएं उपलब्ध कराता है। वहीं, उन्होंने अमेरिका में दवाओं की ऊंची कीमतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां मरीजों पर आर्थिक बोझ अधिक पड़ता है।

महिला के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने भारत में जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता और कम लागत वाले इलाज की प्रशंसा की, जबकि कुछ लोगों ने अमेरिकी दवा मूल्य निर्धारण प्रणाली पर चिंता जताई।

लाखों लोगों ने देखा वीडियो

जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो सोशल मीडिया पर 7.72 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। वीडियो पर सैकड़ों टिप्पणियां भी आई हैं, जिनमें उपयोगकर्ताओं ने भारत में दवाओं की कम कीमत और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लेकर अपने विचार साझा किए हैं।

कुछ यूजर्स ने कहा कि आम लोगों के हित में दवाओं की कीमतों को लेकर अधिक प्रभावी नीतियों की जरूरत है, जबकि अन्य ने भारत में उपलब्ध किफायती इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ी उपलब्धि बताया।

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