जेल से छूटते ही फिर अपराध की राह! जयपुर सेंट्रल जेल के बाहर मुलाकातियों को बनाते थे निशाना, 24 घंटे में तीन शातिर गिरफ्तार

जयपुर: जेल की सजा पूरी करने के बाद भी तीन शातिर अपराधियों ने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा। जयपुर सेंट्रल जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने उसी जगह को अपनी वारदातों का ठिकाना बना लिया, जहां वे पहले कैद रह चुके थे। आरोपी जेल में मुलाकात के लिए आने वाले लोगों की रैकी करते और मौका मिलते ही उनके बैग व महंगे मोबाइल चोरी कर फरार हो जाते थे। हालांकि लालकोठी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और चोरी का सामान भी बरामद कर लिया।
जेल के बाहर मुलाकातियों पर रहती थी नजर
पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले जेल परिसर के बाहर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखते थे। वे ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो अपना बैग या कीमती सामान लापरवाही से छोड़ देते थे। मौका मिलते ही आरोपी बैग उठाकर भीड़ में गायब हो जाते थे। पूछताछ में सामने आया कि चोरी के बाद मोबाइल और अन्य कीमती सामान बेचकर नशे की लत पूरी की जाती थी।
मुलाकात के दौरान गायब हुआ बैग
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) आईपीएस रंजीता शर्मा ने बताया कि एक व्यक्ति जयपुर सेंट्रल जेल में अपने परिचित से मिलने पहुंचा था। उसने मुलाकात कक्ष के बाहर अपना बैग रखा था, जिसमें दो मोबाइल फोन, 10 हजार रुपये नकद, चार्जर, ईयरबड्स और अन्य जरूरी सामान मौजूद था। मुलाकात के बाद जब वह वापस लौटा तो बैग गायब मिला। इसके बाद पीड़ित ने लालकोठी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी फुटेज से खुला पूरा मामला
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जेल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बैग लेकर जाता दिखाई दिया। जेल कर्मचारियों ने उसकी पहचान पुराने चोर गणेश गुर्जर के रूप में की। पहचान होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में पूरे गिरोह तक पहुंच गई।
24 घंटे के भीतर तीनों आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पारस जैन और एसीपी नारायण कुमार बाजिया के निर्देशन में लालकोठी थाना प्रभारी श्याम सुंदर शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए गणेश गुर्जर, वसीम और जगमोहन उर्फ समुंदर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया आईफोन 13 प्रो और ओप्पो रेनो 8टी मोबाइल बरामद किया है। अन्य सामान और नकदी के संबंध में पूछताछ जारी है।
नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे चोरी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और इसी खर्च को पूरा करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। जेल के बाहर रोजाना बड़ी संख्या में लोग मुलाकात के लिए पहुंचते हैं। भीड़ और लोगों की व्यस्तता का फायदा उठाकर आरोपी पहले संभावित शिकार की पहचान करते और फिर मौका मिलते ही बैग या कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे।
जेल का अनुभव ही बना अपराध का जरिया
जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। उन्हें अच्छी तरह जानकारी थी कि मुलाकात के दौरान लोगों की आवाजाही कैसे होती है और सुरक्षा व्यवस्था में कहां-कहां लापरवाही रहती है। इसी जानकारी का फायदा उठाकर वे जेल के बाहर चोरी की वारदातों को अंजाम देते रहे। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने इसी तरीके से पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दिया हो सकता है। इस संबंध में उनसे पूछताछ जारी है।
तीनों आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी गणेश गुर्जर के खिलाफ चोरी समेत छह गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। वसीम पर दो गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जबकि जगमोहन उर्फ समुंदर भी पहले कई आपराधिक मामलों में पुलिस के रिकॉर्ड में शामिल रहा है। पुलिस अब तीनों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और यह पता लगा रही है कि जयपुर के अन्य इलाकों में भी उन्होंने इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आईफोन 13 प्रो और ओप्पो रेनो 8टी मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जारी है और इससे अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जेल या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अपने बैग और कीमती सामान को बिना निगरानी के न छोड़ें।



