AUSvIND: भूल कर भी टीम इंडिया न करें ये चार गलतियां, वरना हार जाएगी तीसरा टेस्ट


दूसरी ओर पिछले मैच में जीत से उत्साहित मेजबान ऑस्ट्रेलिया इस बार नए प्लान के साथ उतर रहा है। लगातार जुबानी हमलों से न सिर्फ टीम इंडिया पर दबाव बनाया जा रहा है, बल्कि उकसाने का काम भी बराबर हो रहा है। भारत पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
विपक्षी लियोन ने हरी दिखने वाली इस स्पिन फ्रेंडली पिच पर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ कर रख दी। भले ही आर. अश्विन चोटिल थे, लेकिन रविंद्र जडेजा तो फिट थे और वह बॉलिंग के अलावा अच्छी बैटिंग भी कर लेते हैं। ऐसे में ‘बॉक्सिंग-डे’ टेस्ट में विराट को सही टीम संयोजन के साथ उतरना ही होगा।
सीरीज शुरू होने से पहले ही माहौल बनने लगा था। स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की गैरमौजूदगी में कमजोर नजर आ रही कंगारू टीम ने जहां साफ किया था कि वे स्लेजिंग नहीं करेंगे। दूसरी ओर कप्तान कोहली ने भी दर्शाया था कि वे अब ज्यादा मैच्योर हो गए हैं। उनका ध्यान विवादों, स्लेजिंग पर नहीं होगा। लेकिन पर्थ टेस्ट में ऐसा नजर नहीं आया।
भारतीय कप्तान और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन आमने-सामने आ गए थे। विपक्षी खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम मेंबर्स में दरार जैसी चीजों से पार पाकर भारतीय खिलाड़ियों को सिर्फ खेल पर फोकस करना होगा।
मगर पर्थ में हुए दूसरा टेस्ट गंवाने के बावजूद भारतीय टीम नेट्स पर पसीना बहाने के बजाय आराम करने का विकल्प चुनती है। चार दिन तक कोई अभ्यास न करने के बाद पांचवे दिन खिलाड़ी बल्ला और गेंद पकड़ते हैं।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि हारने वाली टीम आराम कैसे कर सकती है? इस वक्त टीम को मिले समय का सही इस्तेमाल सबसे जरूरी है। उम्मीद है ‘विराट कोहली की टोली’ इस आराम को अपने ऊपर हावी नहीं होने देगी और मैदान पर एक जख्मी शेर की तरह पलटवार करेगी।



