उत्तराखंड

Badrinath Dham Kapat Opening 2026: बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब; जानें दर्शन टाइमिंग, रजिस्ट्रेशन और नए नियम

देहरादून/बदरीनाथ। उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम के कपाट गुरुवार, 23 अप्रैल को विधि-विधान और शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया है और यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ तथा बदरीनाथ धाम अब भक्तों के लिए पूर्ण रूप से दर्शनार्थ खुल गए हैं।

कपाट खुलते ही उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
कपाट खुलने के पहले ही दिन बदरीनाथ धाम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा धाम “जय बदरीविशाल” के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर मंदिर परिसर को लगभग 15 से 20 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। सुबह 6:15 बजे कपाट खुलने के बाद मुख्य पुजारी (रावल) के नेतृत्व में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

मुख्यमंत्री ने किया दर्शन, बताया आध्यात्मिक अवसर
इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बदरीनाथ धाम पहुंचे और पूजा-अर्चना में शामिल हुए। उन्होंने इस क्षण को आध्यात्मिक और सौभाग्यपूर्ण बताते हुए सोशल मीडिया पर भगवान बद्रीविशाल को नमन किया।

चारधाम यात्रा के लिए नए नियम लागू
इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान कुछ नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर विशेष शर्तें तय की गई हैं। बदरीनाथ धाम में प्रवेश के लिए आस्था संबंधी शपथ पत्र देना अनिवार्य किया गया है, जबकि गंगोत्री धाम में पंचगव्य सेवन की शर्त लागू है। हालांकि, यमुनोत्री धाम सभी धर्मों के श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।

मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा पर प्रतिबंध
श्रद्धालुओं की सुविधा और धाम की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन और कैमरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि इससे दर्शन का अनुभव अधिक शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रहेगा।

बदरीनाथ धाम दर्शन का समय तय
बदरीनाथ धाम में दर्शन का समय निर्धारित किया गया है। सुबह 4:30 से 6:30 बजे तक निर्माल्य दर्शन होंगे। इसके बाद सामान्य दर्शन सुबह 6:30 से दोपहर 1:00 बजे तक चलेंगे। दोपहर 1:00 से 4:00 बजे तक मंदिर अनुष्ठानों के लिए बंद रहेगा। शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक फिर से दर्शन किए जा सकेंगे।

चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
उत्तराखंड सरकार ने सभी श्रद्धालुओं के लिए यात्रा पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। बिना QR कोड वाले यात्रा पास के दर्शन की अनुमति नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप और ऑफलाइन काउंटरों के माध्यम से किया जा सकता है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर मोबाइल नंबर और ईमेल से OTP वेरिफाई करके चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर QR कोड आधारित e-Pass प्राप्त किया जा सकता है, जिसे यात्रा के दौरान साथ रखना जरूरी है।

यात्रा के लिए जरूरी सावधानियां
बदरीनाथ की ऊंचाई लगभग 10,279 फीट होने के कारण यहां तापमान बेहद कम रहता है, इसलिए गर्म कपड़े साथ रखना अनिवार्य है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराएं और जोशीमठ में रुककर अनुकूलन करें। साथ ही पहाड़ी मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहन संचालन पर प्रतिबंध है।


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