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BCCI ने कहा- टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच सीरीज का फैसला इन पर निर्भर

राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी एजेंसी (नाडा) के भारतीय क्रिकेटरों का परीक्षण करने के संबंध में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से बातचीत की। इसी दौरान चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ योजनाबद्ध आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के बारे में सरकार के नजरिए पर भी विचार-विमर्श किया गया।
BCCI ने कहा- टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच सीरीज का फैसला इन पर निर्भरनाडा चाहता है कि टीम इंडिया के क्रिकेटरों का डोप परीक्षण उसकी देखरेख में हो, लेकिन बोर्ड ने इस मांग को खारिज कर दिया है। बीसीसीआई ने जोर देकर कहा है कि वाडा से मान्यता प्राप्त संस्था है, इसलिए नाडा की देखरेख में परीक्षण की कोई जरुरत नहीं है।

बीसीसीआई की विशेष आम सभा (एसजीएम) 9 दिसंबर को होगी। राठौड़ से बैठक के बाद नाडा का मामला एसजीएम के एजेंडा में शामिल कर लिया गया है। बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी और बीसीसीआई की डोपिंग विरोधी पॉलिसी को अच्छे से जानने वाले महाप्रबंधक (प्रशासन और खेल विकास) प्रोफेसर रत्नाकर शेट्टी ने राठौड़ से उनके ऑफिस में करीब 45 तक मुलाकात की।

बीसीसीआई अधिकारी ने अपना नाम सामने नहीं आने की शर्त पर पीटीआई को कहा, ‘नाडा और वाडा के विषय पर आज बातचीत हुई। मंगलवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया था कि शेट्टी के साथ राहुल जाएंगे क्योंकि दोनों बीसीसीआई की डोपिंग विरोधी पॉलिसी को बेहतर तरीके से जानते हैं। कई अन्य मुद्दों पर भी बातचीत हुई, लेकिन प्रमुख मामला डोपिंग विरोधी पॉलिसी ही था।’

पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज खेलने का फैसला इन पर अधिक निर्भर

मंत्रालय का विचार अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन इसका संदेश अधिकारियों को भेज दिया गया है और अब एसजीएम में इस पर विचार किया जाएगा। बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने भी पुष्टि कर दी है कि डोपिंग विरोधी पॉलिसी को एजेंडा में जोड़ दिया गया है।

बीसीसीआई के एक और अधिकारी ने कहा, ‘यह बैठक विनम्र थी और काफी पहले से इसकी योजना बन चुकी थी। जब से राठौड़ ने जिम्मेदारी उठाई है, वो उनसे मिलना चाहते थे। पाकिस्तान के साथ क्रिकेट समझौते से लेकर अन्य सभी मुद्दों पर बातचीत हुई।’

अधिकारी ने कहा, ‘बहरहाल, पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेला जाएगा या नहीं, यह फैसला न सिर्फ खेल मंत्रालय का होगा, बल्कि यह प्रमुख तौर पर पीएमओ और गृह मंत्रालय पर निर्भर करेगा।’

पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज के बारे में भी बातचीत हुई। बता दें कि टीम इंडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत में 2012-13 में दो टी20 इंटरनेशनल और तीन वन-डे मैचों की सीरीज के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है। दो मैचों की टी20 सीरीज 1-1 से बराबर हुई थी जबकि वन-डे सीरीज को पाक ने 2-1 के अंतर से जीती थी।

आईसीसी फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम के तहत इसके सभी सदस्यों को एक-दूसरे के खिलाफ एक बार खेलना है और अगर टीम इंडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेला तो उन्हें अंकों का नुकसान होगा।

टीम इंडिया ने पाक के खिलाफ नहीं खेली सीरीज तो होगा बड़ा नुकसान

प्रारूप के हिसाब से प्रत्येक टीम को घर में तीन और विदेश में तीन टेस्ट सीरीज खेलना है और 2019-2021 के बीच उन्हें ज्यादा सीरीज आयोजित कराने की अनुमति है। वो हालांकि उपलब्धता पर निर्भर करेगा। बता दें कि 2014 में बीसीसीआई और पीसीबी ने मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) करार किया था, जिसमें उन्हें 2015 से 2023 के बीच 6 द्विपक्षीय सीरीज खेलना थी।

हालांकि, भारत ने तनावपूर्ण रिश्तों के चलते पाकिस्तान के साथ खेलने के लिए इंकार किया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने फिर भारतीय बोर्ड को विवाद की वजह से नोटिस भेजा। इसमें उन्होंने बीसीसीआई पर 2015 में पाक दौरा नहीं करने को लेकर नुकसान का उल्लेख किया।

हाल ही में बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने कहा था, ‘किसी भी विश्व प्रतिस्पर्धा या चैंपियनशिप में अगर 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं तो प्रत्येक टीम के खिलाफ खेलने की संभावना नहीं है। भारत और पाकिस्तान के बीच सीरीज नहीं होना बड़ी मुश्किल नहीं है। इसका इंटरनेशनल क्रिकेट पर बड़े स्तर पर असर जरूर हो रहा है। इसलिए अभी परिस्थिति को देखते हुए कोई योजना नहीं बनाई जा रही है। इस पर ध्यान जरूर दिया जाएगा। जैसा मैंने कहा, यह जरूरी नहीं कि हर टीम के खिलाफ खेलना संभव हो। हम ध्यान देंगे।’

 

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