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पंजाब को फिर खेलों की ‘नर्सरी’ बनाएंगे, 2036 ओलंपिक में राज्य से 3-4 गोल्ड का लक्ष्य: भगवंत मान

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि उनका सपना राज्य को एक बार फिर देश में खेलों की ‘नर्सरी’ बनाना है। उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक में भारत की पदक तालिका में पंजाब का योगदान बड़ा होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने खेलों को राज्य की पहचान और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि पंजाब कृषि प्रधान राज्य होने के साथ-साथ सदियों से योद्धाओं और नायकों की धरती भी रहा है। उनके मुताबिक खेती और खेल, दोनों में मेहनत और पसीने का विशेष महत्व है और यही पंजाब की पहचान का हिस्सा हैं।

खेल विभाग को मुख्यमंत्री कार्यालय की सीधी निगरानी में रखा

मुख्यमंत्री ने बताया कि पद संभालने के बाद खेल संस्कृति को दोबारा मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा। इसी वजह से खेल विभाग को मुख्यमंत्री कार्यालय के तहत उनकी सीधी निगरानी में रखा गया। उन्होंने मोहाली, पटियाला और बठिंडा में आयोजित मैराथन में लोगों की भागीदारी का भी उल्लेख किया।

मान के मुताबिक, बठिंडा में आयोजित मैराथन में सभी आयु वर्गों के 20 हजार से ज्यादा धावकों ने हिस्सा लिया। आने वाले महीनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी और मैराथन आयोजित करने की योजना है।

‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ के जरिए 38 खेलों में प्रतिभा तलाशने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की खेल संस्कृति जमीनी स्तर से जुड़ी हुई है। इसमें ‘ग्रामीण ओलंपिक’ से लेकर ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ तक कई पहल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ के तहत गांवों और शहरों में 38 अलग-अलग खेलों के जरिए प्रतिभाओं को निखारने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि 2022 से पहले पंजाब में इस स्तर की पहल नहीं देखी गई थी। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर गांवों और कस्बों की खेल प्रतिभाओं को पर्याप्त बुनियादी ढांचा और सहयोग नहीं देने का आरोप भी लगाया।

2036 ओलंपिक में 3-4 गोल्ड का लक्ष्य

भगवंत मान ने कहा कि केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करने से खिलाड़ी तैयार नहीं होते। एक बच्चे को अभ्यास के लिए मैदान, मार्गदर्शन के लिए कोच, खेल सामग्री और पर्याप्त प्रतियोगिताओं की जरूरत होती है।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच ओलंपिक में भारत के पदकों की संख्या सात से ज्यादा नहीं रही है। मुख्यमंत्री के तौर पर उनका प्रयास है कि 2036 ओलंपिक में भारत के पदकों में पंजाब के खिलाड़ियों का योगदान बढ़े। उन्होंने अपनी इच्छा जताई कि 2036 ओलंपिक में पंजाब के खिलाड़ी भारत के लिए कम से कम तीन से चार स्वर्ण पदक जीतें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस समय राज्य के चार खिलाड़ी क्रिकेट, हॉकी और बास्केटबॉल में भारतीय टीमों की कप्तानी कर रहे हैं। उनके अनुसार, 2023 में हांग्जो एशियाई खेलों में पंजाब के खिलाड़ियों ने भारत के लिए 20 पदक जीते थे। इनमें आठ स्वर्ण, छह रजत और छह कांस्य पदक शामिल थे। उन्होंने इसे एशियाई खेलों के 72 साल के इतिहास में राज्य का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन बताया।

3 हजार ग्रामीण खेल मैदान और गांवों में इनडोर जिम

मान सरकार के खेल बुनियादी ढांचे से जुड़े प्लान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 से इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाया गया है। सरकार 3,000 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है। इनमें लेजर-लेवल वाले मैदान, चेन-लिंक फेंसिंग, फ्लड लाइट, जॉगिंग ट्रैक और अलग-अलग खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

फुटबॉल, वॉलीबॉल और क्रिकेट के लिए मानक खेल किट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा गांवों में इनडोर जिम स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शुरुआती चरण के बाद अगले 3,000 गांवों को इसमें शामिल किया जाएगा और यह प्रक्रिया तब तक जारी रखने की योजना है, जब तक पंजाब के सभी गांव इससे जुड़ नहीं जाते।

नशे के खिलाफ अभियान में खेलों को अहम माध्यम बनाने की बात

मुख्यमंत्री ने खेलों को पंजाब की नशीली दवाओं की समस्या के खिलाफ लड़ाई का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनका कहना है कि खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से युवाओं की ऊर्जा रचनात्मक दिशा में लगती है और खेल के मैदान युवाओं को सक्रिय रहने तथा अनुशासन विकसित करने का अवसर देते हैं।

उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति बनाने में सरकार के साथ माता-पिता की भी भूमिका है। अभिभावकों को बच्चों को खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ को केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि ‘पंजाबियत’ से जोड़ते हुए कहा कि इस वर्ष इसकी शुरुआत 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के दिन हुई।

उन्होंने कहा कि यह कक्षा के शिक्षकों से लेकर खेल मैदान के कोच और प्रशिक्षकों के प्रति सम्मान को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में पंजाब को आगे ले जाने और ‘रंगला पंजाब’ के सपने को पूरा करने की बात कही।

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