
यूपी में वन विभाग की बड़ी पहल, 8 विशिष्ट वन होंगे विकसित, 5 हेक्टेयर में लगाए जा चुके 12,500 पौधे
सुलतानपुर: उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने विशिष्ट वनों के विकास की मुहिम तेज कर दी है। सुलतानपुर में आठ विशिष्ट वन विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से लम्भुआ क्षेत्र में समरस वन की स्थापना की जा चुकी है, जबकि सात अन्य विशिष्ट वनों के लिए भूमि चिह्नित कर पौधारोपण की तैयारी तेजी से चल रही है।
भूमि के अनुसार लगाए जाएंगे हजारों पौधे
वन विभाग की योजना के तहत दो हेक्टेयर क्षेत्र में 3,200 पौधे, तीन हेक्टेयर में 7,500 पौधे, चार हेक्टेयर में 10 हजार पौधे और पांच हेक्टेयर भूमि पर 12,500 पौधे लगाए जाएंगे। रोपे गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी विभाग के वाचरों को सौंपी गई है, ताकि पौधों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
अलग-अलग थीम पर विकसित होंगे विशिष्ट वन
वन विभाग ने विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग उद्देश्य और थीम के अनुसार विशिष्ट वन विकसित करने की योजना बनाई है।
कटका-सेमरी मार्ग पर मिशन छाया वन विकसित किया जाएगा, जहां पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर, नीम, सिरस और कदम्ब के पौधे लगाए जाएंगे।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय अमरूपुर में वंदे मातरम वाटिका के तहत इमली और विभिन्न फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा।
नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय में महर्षि चरक औषधीय वन विकसित होगा, जहां नीम, अर्जुन, कंजी, आंवला, बालमखीरा और बेला जैसी औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।
बेला पश्चिम क्षेत्र में समृद्धि वन के अंतर्गत शीशम, सागौन, महोगनी और नीम के पौधे लगाए जाएंगे।
कादीपुर के कमरांवा में कपि वन विकसित किया जाएगा, जहां आम, अमरूद, आंवला, नींबू, बेल और सहजन के पौधे रोपे जाएंगे।
कादीपुर के नरवारी में ऊर्जा वन की स्थापना के तहत जलौली प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे।
इसके अलावा जयसिंहपुर के फतेहपुर संगत में गोमती नदी के किनारे अविरल धारा वन विकसित करने की पहल भी की जा रही है।
लम्भुआ में स्थापित हो चुका है समरस वन
12 जुलाई को आयोजित पौधारोपण महाअभियान के दौरान लम्भुआ के पठखौली में समरस वन की स्थापना की जा चुकी है। इस विशिष्ट वन में पीपल, पाकड़ और बरगद समेत विभिन्न प्रजातियों के कुल 12,500 पौधे लगाए गए हैं।
सात अन्य विशिष्ट वनों की तैयारी अंतिम चरण में
प्रभागीय वनाधिकारी अमित सिंह ने बताया कि पठखौली में समरस वन स्थापित किया जा चुका है। सात अन्य विशिष्ट वनों के लिए भूमि का चयन पूरा हो गया है और पौधारोपण की प्रक्रिया जारी है। विभाग का लक्ष्य जल्द सभी विशिष्ट वनों की स्थापना पूरी कर पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती देना है।



