उत्तर प्रदेशराज्य

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म, अब हर महीने 10 तारीख को आएगा बिल और 25 तक भुगतान की सुविधा, स्मार्ट मीटर भी होंगे पोस्टपेड में बदले

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के बीच चल रहे विवाद और विरोध के बीच योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य में नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही पहले से लगाए गए सभी स्मार्ट मीटरों को भी पोस्टपेड सिस्टम में बदला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इस फैसले की घोषणा की और नई व्यवस्था की पूरी रूपरेखा स्पष्ट की है।

नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिजली का बिल उपलब्ध कराया जाएगा। बिल जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलेगा और अंतिम तारीख 25 निर्धारित की गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी उपभोक्ता का एक महीने का बिल बकाया रहता है तो उसकी बिजली तत्काल नहीं काटी जाएगी।

पुराने बिजली बिलों के बकाये को लेकर भी सरकार ने राहत दी है। अब उपभोक्ता अपने बकाये का भुगतान किस्तों में कर सकेंगे। इसके अलावा पोस्टपेड व्यवस्था के तहत सिक्योरिटी राशि भी देनी होगी, जिसे एकमुश्त लेने के बजाय चार किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं पर अचानक वित्तीय बोझ न पड़े।

ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर बिल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता को समय पर बिल नहीं मिलता है तो वह अपने कनेक्शन नंबर के साथ संबंधित वितरण कंपनियों के दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1912 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समस्या समाधान के लिए खंड और उपखंड स्तर पर कैंप लगाने के भी आदेश दिए गए हैं।

पूर्वांचल क्षेत्र के लिए 8010968292, मध्यांचल के लिए 7669003409, पश्चिमांचल के लिए 7859804803, दक्षिणांचल के लिए 8010957826 और केस्को के लिए 8287835233 नंबर जारी किए गए हैं।

प्रीपेड मीटर व्यवस्था के खिलाफ सक्रिय रहे अवधेश कुमार वर्मा ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं पर प्रीपेड मीटर हटाने के दौरान मुकदमे दर्ज किए गए थे, उन्हें वापस लिया जाए। उनका कहना है कि यदि पहले ही नियमों के अनुसार फैसला लिया गया होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

पिछले कुछ समय से प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर लगातार विरोध देखा जा रहा था। उपभोक्ताओं का आरोप था कि अचानक बैलेंस खत्म होने पर बिजली कट जाने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी बीच यह भी स्पष्ट किया गया था कि उपभोक्ता के पास मीटर का प्रकार चुनने का अधिकार है, चाहे वह प्रीपेड हो या पोस्टपेड। लगातार बढ़ते विरोध और जन आक्रोश के बाद सरकार ने अंततः प्रीपेड व्यवस्था समाप्त करने का फैसला लिया है।


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