मध्य प्रदेशराज्य

मैहर में राशन घोटाले का बड़ा खुलासा, अंगूठा लगवाकर हड़पा गरीबों का अनाज; विक्रेता और प्रबंधक पर एफआईआर

मैहर : मध्य प्रदेश के मैहर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। गरीब और पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले सरकारी राशन में भारी अनियमितता पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए शासकीय उचित मूल्य दुकान गौरैया के विक्रेता और समिति प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में सामने आया कि उपभोक्ताओं से मशीन में अंगूठा लगवाकर रिकॉर्ड में राशन वितरण दिखाया गया, लेकिन वास्तविकता में खाद्यान्न हितग्राहियों तक पहुंचा ही नहीं।

प्रशासनिक जांच के दौरान यह मामला सामने आया। बिदिशा मुखर्जी के निर्देशन में जिले की राशन वितरण व्यवस्था की जांच कराई जा रही थी। इसी क्रम में सेवा सहकारी समिति बरा खुर्द द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान गौरैया में गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई।

जनवरी से जून तक चलता रहा खेल

जांच रिपोर्ट के मुताबिक दुकान के विक्रेता धनीराम दहिया और समिति प्रबंधक कमलेश विश्वकर्मा ने जनवरी 2026 से जून 2026 के बीच खाद्यान्न वितरण में भारी अनियमितता की। अधिकारियों को जांच में पता चला कि कई हितग्राहियों के आधार आधारित ई-पॉस मशीन में अंगूठे लगवाए गए, जिससे रिकॉर्ड में राशन वितरण दर्ज हो गया, लेकिन पात्र लोगों को वास्तविक रूप से खाद्यान्न नहीं दिया गया।

23 लाख रुपये से ज्यादा के राशन में गड़बड़ी

प्रशासनिक रिपोर्ट में लाखों रुपये मूल्य के खाद्यान्न के गबन का खुलासा हुआ है। रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन में बड़ा अंतर पाया गया। जांच के अनुसार हितग्राहियों तक 552 क्विंटल गेहूं नहीं पहुंचाया गया, जिसकी कीमत करीब 15 लाख 52 हजार 691 रुपये बताई गई है। इसके अलावा 181 क्विंटल चावल, जिसकी कीमत 7 लाख 27 हजार 861 रुपये है, उसका भी वितरण नहीं हुआ।

इसी तरह 3.48 क्विंटल शक्कर और 29.38 क्विंटल नमक में भी गड़बड़ी पाई गई। कुल मिलाकर 23 लाख 25 हजार 901 रुपये मूल्य के खाद्यान्न वितरण में अनियमितता सामने आई है।

वसूली के आदेश, आरोपियों पर केस दर्ज

मामले को गंभीर आर्थिक अनियमितता मानते हुए एसडीएम मैहर ने विक्रेता धनीराम दहिया और समिति प्रबंधक कमलेश विश्वकर्मा के खिलाफ 23 लाख 25 हजार 901 रुपये की वसूली निर्धारित की है। प्रशासन का कहना है कि गरीबों तक पहुंचने वाला सरकारी राशन हड़पकर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

पूरे मामले की जांच के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने थाना बदेरा में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(5) के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत भी कार्रवाई की गई है।

जिलेभर में जांच तेज, राशन दुकानों में मचा हड़कंप

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक जिले की अन्य उचित मूल्य दुकानों की भी जांच की जा रही है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बाद राशन दुकानों में हड़कंप का माहौल है, जबकि ग्रामीणों और हितग्राहियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की है।

Related Articles

Back to top button