शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व सांसद पर बहू के गंभीर आरोप, काला जादू, प्रताड़ना और अंधविश्वास कानून के तहत मामला दर्ज

नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ा एक मामला चर्चा में है, जहां शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व सांसद विनायक राउत और उनके परिवार के खिलाफ उनकी बहू ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में मानसिक, शारीरिक और आर्थिक प्रताड़ना के साथ कथित काला जादू और अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियों के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पूर्व सांसद ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि वर्ष 2017 में उसकी शादी विनायक राउत के बेटे जितेश से कराई गई, जबकि परिवार को पहले से यह जानकारी थी कि वह वैवाहिक संबंध निभाने में सक्षम नहीं है। महिला का कहना है कि जब उसने इस संबंध में सवाल उठाए तो उसकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
कथित अनुष्ठानों और दुर्व्यवहार के लगाए आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसके वैवाहिक जीवन की समस्याओं को बाहरी बाधा बताकर कथित धार्मिक अनुष्ठान कराए गए। उसका दावा है कि इन अनुष्ठानों के दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ अशोभनीय और आपत्तिजनक व्यवहार किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विदेश यात्राओं के दौरान भी उसे मानसिक दबाव और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।
महिला ने अपनी सास पर यह आरोप भी लगाया है कि उसे मासिक धर्म रोकने वाली दवाएं लेने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसके अलावा, उचित चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराने के बजाय वैकल्पिक तरीकों से गर्भधारण कराने की सलाह दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
अंधविश्वास और काला जादू कानून के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुरी एवं अघोरी प्रथाओं तथा काला जादू निवारण कानून के तहत भी मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व सांसद ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
पूर्व सांसद विनायक राउत ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और झूठा बताया है। उनका कहना है कि उनके बेटे और शिकायतकर्ता के बीच पहले से तलाक की प्रक्रिया चल रही है। राउत का दावा है कि समझौते के दौरान महिला की ओर से करोड़ों रुपये की आर्थिक मांग की गई थी, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। उनका आरोप है कि इसके बाद परिवार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह शिकायत दर्ज कराई गई।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार तंत्र-मंत्र या काले जादू जैसी किसी भी गतिविधि में विश्वास नहीं करता और लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह असत्य हैं।



