मनीष शुक्ला हत्याकांड पर बंगाल BJP में घमासान, अपने ही मंत्री अर्जुन सिंह पर भड़के विधायक कौस्तुव बागची

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा के भीतर मनीष शुक्ला हत्याकांड को लेकर विवाद गहरा गया है। बैरकपुर से विधायक कौस्तुव बागची ने अपनी ही पार्टी के श्रम एवं परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह पर सवाल उठाए हैं। बागची ने उन लोगों के साथ पार्टी नेताओं के मंच साझा करने पर आपत्ति जताई है, जिनके नाम इस हत्याकांड में सामने आए थे। उन्होंने कुछ तस्वीरों और वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी तस्वीरों के कारण उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने इस मामले में कानूनी कदम उठाने की भी बात कही है।
दरअसल, भाजपा नेता मनीष शुक्ला की 4 अक्टूबर 2020 को टीटागढ़ में पार्टी कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान सीआईडी ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। अब कौस्तुव बागची ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता उत्तम दास और प्रशांत चौधरी के साथ अर्जुन सिंह की मौजूदगी पर सवाल खड़े किए हैं।
बागची के मुताबिक, मनीष शुक्ला के पिता ने हत्या के मामले में उत्तम दास और प्रशांत चौधरी के नाम लिए थे। ऐसे में उनके साथ पार्टी नेताओं की तस्वीरें सामने आने पर विधायक ने नाराजगी जताई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस मामले में दोनों की भूमिका को लेकर किसी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष की पुष्टि नहीं होती है।
‘अर्जुन सिंह वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन ऐसे लोगों के साथ मंच साझा करना ठीक नहीं’
कौस्तुव बागची ने कहा कि अर्जुन सिंह वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें मंत्री से कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है। लेकिन उनके अनुसार, जिन लोगों के नाम हत्याकांड में सामने आए थे, उनके साथ मंच साझा करना उचित नहीं है। बागची ने साफ किया कि वह इस मुद्दे पर आगे कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
विधायक ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, मुख्य सचिव, सीआईडी के महानिदेशक और बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखने की बात भी कही। उनका कहना है कि वह इस मामले को आगे भी उठाते रहेंगे।
उत्तम दास और प्रशांत चौधरी की BJP में एंट्री का भी विरोध
कौस्तुव बागची ने उत्तम दास और प्रशांत चौधरी के भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं पर भी विरोध जताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो वह भाजपा के प्रदेश मुख्यालय के सामने आत्मदाह कर लेंगे। इससे पहले भी वह इस मुद्दे पर सिर मुंडवाकर विरोध जताने की बात कह चुके हैं।
उनके इस बयान से पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। हालांकि, उत्तम दास और प्रशांत चौधरी के भाजपा में शामिल होने को लेकर किसी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।
अर्जुन सिंह का जवाब- ‘मुझे पता है राजनीति कैसे करनी है’
बागची के आरोपों पर मंत्री अर्जुन सिंह ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे पता है कि राजनीति कैसे करनी है।”
वहीं, उत्तम दास ने मंत्री के साथ अपनी मौजूदगी को निजी संबंधों से जोड़कर बताया। उन्होंने दावा किया कि वह काफी समय पहले तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके हैं और उन्होंने भाजपा में शामिल होने की इच्छा भी नहीं जताई है।
TMC ने भी BJP पर साधा निशाना
भाजपा के भीतर चल रहे इस विवाद पर तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सार्वजनिक रूप से तृणमूल नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं करने की बात करती है, लेकिन उसका व्यवहार इसके विपरीत है।
मनीष शुक्ला हत्याकांड को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब भाजपा के भीतर राजनीतिक खींचतान का रूप ले चुका है। कौस्तुव बागची के आरोपों, अर्जुन सिंह के जवाब और उत्तम दास के बयान के बाद अब इस मामले में पार्टी की ओर से आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।



