उत्तराखंड

उत्तराखंड में सीएम धामी का बड़ा ऐलान, युवाओं से लेकर किसानों तक के लिए 7 बड़े फैसले; जानें क्या-क्या मिला

देहरादून: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का सामूहिक गायन हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में 14 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इनमें 7 को सेवा के आधार पर और 6 को विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मान मिला। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस जवानों के प्रति भी कृतज्ञता जताई। साथ ही उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए बलिदान देने वाले राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री ने हाल में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक जल्द राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर उपचार देना और घर तथा आजीविका गंवाने वाले लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और बिजली की लाइनों को जल्द दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

2026 को बताया ऐतिहासिक वर्ष

सीएम धामी ने कहा कि वर्ष 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक है। देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसी वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती और सिख पंथ के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष भी मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका के दौरान अमानवीय यातनाएं झेलने, अपनों को खोने और विस्थापन का दर्द सहने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।

भारत की बढ़ती ताकत का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। देश बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उत्पादन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विज्ञान, अनुसंधान, स्टार्टअप, खेल, योग और आयुर्वेद समेत कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है।

सैनिकों और उनके परिवारों के लिए बढ़ाई गई सहायता

सीएम धामी ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है।

बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये और परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने के साथ सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी को गति मिली है।

उन्होंने जमरानी, लखवाड़, किशाऊ और सौंग बांध परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किए जाने की जानकारी दी।

चारधाम यात्रा से पर्यटन को मिल रही नई रफ्तार

सीएम धामी ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास और शीतकालीन यात्रा जैसी पहलों से राज्य की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है। वहीं इस वर्ष कांवड़ मेले में 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कांवड़ लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए।

युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब धार्मिक पर्यटन के साथ स्वास्थ्य एवं कल्याण पर्यटन, साहसिक पर्यटन, फिल्म शूटिंग और विवाह स्थल के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। होम-स्टे योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से भी युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

10 हजार छात्रों को मिलेगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का भी उल्लेख किया। इसके तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

पहले चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा और इसके लिए 7 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखंड ने खेलों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीते हैं।

महिलाओं और किसानों के लिए भी कई योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, बागवानी, विज्ञान एवं नवाचार और सुशासन के क्षेत्र में सरकार के कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के तहत प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी और निःशुल्क नहर सिंचाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राज्य में 34 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

सीएम धामी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर करीब 1,750 हो गई है। वहीं पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने की 7 बड़ी घोषणाएं

स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

  1. चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
  2. प्रदेश के पहले ‘युवा आयोग’ की स्थापना की जाएगी।
  3. सीमावर्ती गांवों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  4. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
  5. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यांश 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
  6. 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से मुफ्त उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
  7. प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इसी वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार के लिए केवल राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ काम करती रहेगी।

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