अद्धयात्म

घर में भूलकर भी न लगाएं ये 5 पौधे! वास्तु मान्यताओं में परेशानियों से जोड़ा गया, जानें किन बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली: घर को हरा-भरा और खूबसूरत बनाने के लिए लोग अलग-अलग तरह के पौधे लगाते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र से जुड़ी मान्यताओं में हर पौधे को घर के लिए शुभ नहीं माना जाता। कुछ पौधों को लेकर ऐसी धारणाएं हैं कि इन्हें घर के अंदर या गलत स्थान पर रखने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। खास तौर पर कांटेदार, सूखे और कुछ विशेष पौधों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

इन मान्यताओं में कुछ पौधों को घर की सुख-शांति, आर्थिक स्थिति और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है। आइए जानते हैं किन पांच पौधों को घर के अंदर रखने से बचने की सलाह दी जाती है और अगर ये पहले से लगे हों तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कैक्टस और दूसरे कांटेदार पौधे

वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर के अंदर कैक्टस, नागफनी या अन्य कांटेदार पौधे रखना शुभ नहीं माना जाता। धारणा है कि इन पौधों की वजह से घर में तनाव और आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं।

अगर सजावट के लिए ऐसे पौधे घर में रखे गए हैं तो उन्हें बेडरूम या लिविंग एरिया के बजाय बाहर रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि छोटे बच्चों या पालतू जानवरों वाले घरों में पौधों की सुरक्षा और सही देखभाल का भी ध्यान रखना जरूरी है।

घर के अंदर पीपल का पौधा

पीपल का धार्मिक महत्व काफी अधिक है, लेकिन वास्तु से जुड़ी कुछ मान्यताओं में इसे घर के अंदर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसी धारणा है कि घर में पीपल का पेड़ होने से आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।

अगर पीपल का पौधा घर की दीवार या किसी कोने में अपने आप उग आए तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। व्यावहारिक तौर पर भी दीवारों में उगने वाले पेड़ की जड़ें भवन की संरचना को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए इसे हटाने के लिए सुरक्षित और उचित तरीका अपनाना बेहतर है।

सूखे और मुरझाए पौधे

घर में पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है। वास्तु मान्यताओं में सूखे और मृत पौधों को शुभ नहीं माना जाता। इन्हें नकारात्मकता और ठहराव से जोड़कर देखा जाता है।

अगर बालकनी, खिड़की या घर के किसी कोने में रखा पौधा पूरी तरह सूख चुका है और उसके दोबारा स्वस्थ होने की संभावना नहीं है तो उसे हटा देना चाहिए। घर की सजावट के लिए स्वस्थ और हरे-भरे पौधों को रखना बेहतर माना जाता है।

मेहंदी का पौधा

मेहंदी का पौधा अपनी खुशबू और खूबसूरत पत्तियों के लिए जाना जाता है। हालांकि वास्तु से जुड़ी कुछ मान्यताओं में इसे घर के अंदर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। कुछ धारणाओं में मेहंदी को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा गया है।

हालांकि ऐसी मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। जो लोग वास्तु के नियमों को मानते हैं, वे मेहंदी के पौधे को घर के अंदर रखने के बजाय खुले स्थान पर रखने का विकल्प चुन सकते हैं।

बोनसाई को भी घर में रखने से बचने की मान्यता

बोनसाई पौधे आजकल घर की सजावट में काफी लोकप्रिय हैं। छोटे आकार के कारण इन्हें टेबल, बालकनी या लिविंग रूम में आसानी से रखा जा सकता है। लेकिन वास्तु मान्यताओं के अनुसार बोनसाई को घर में रखना प्रगति में रुकावट से जोड़ा जाता है।

वास्तु में इसके छोटे और सीमित आकार को विकास रुकने के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। हालांकि बोनसाई को लेकर सकारात्मक धारणाएं भी मौजूद हैं और कई लोग इसे सिर्फ सजावटी पौधे के रूप में घर में रखते हैं।

पौधे लगाते समय जगह और देखभाल का रखें ध्यान

घर में पौधे लगाते समय केवल उनके चुनाव पर ही नहीं, बल्कि उनकी जगह और देखभाल पर भी ध्यान देना जरूरी है। वास्तु संबंधी मान्यताओं के अनुसार घर में स्वस्थ और हरे-भरे पौधे रखना बेहतर माना जाता है। पौधों को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उनकी प्रजाति के अनुसार पर्याप्त रोशनी और हवा मिल सके।

यह भी ध्यान रखें कि पौधों की जड़ें दीवार, फर्श या पाइपलाइन को नुकसान न पहुंचाएं। सूखे पत्तों और गिरे हुए हिस्सों को नियमित रूप से साफ करते रहना चाहिए।

वास्तु की अलग-अलग मान्यताओं में तुलसी, जेड प्लांट, बांस और सफेद अपराजिता जैसे पौधों को सकारात्मकता, समृद्धि और सौभाग्य से जोड़ा जाता है। इनके लिए भी अलग-अलग दिशाओं से जुड़ी मान्यताएं बताई गई हैं।

Related Articles

Back to top button