जोधपुर में आधी रात आग की दोहरी वारदात! दो निजी बसें जलकर खाक, बस मालिक ने हिस्ट्रीशीटर पर रंगदारी के लिए आगजनी का लगाया आरोप

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में देर रात दो निजी बसों में आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया। शहर के अलग-अलग स्थानों पर खड़ी दोनों बसें देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गईं और पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दोनों बसें पूरी तरह नष्ट हो चुकी थीं। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
दो अलग-अलग जगहों पर खड़ी बसों को बनाया गया निशाना
पुलिस के अनुसार पहली घटना कायलाना रोड स्थित संबोधित धाम के पास हुई, जबकि दूसरी वारदात चौपासनी रोड क्षेत्र में सामने आई। दोनों स्थानों पर खड़ी निजी बसों में देर रात आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में दोनों वाहन पूरी तरह जल गए।
दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण बसों को बचाया नहीं जा सका। राहत की बात यह रही कि घटना के समय दोनों बसों में कोई सवार मौजूद नहीं था।
बस मालिक का आरोप- रंगदारी नहीं दी, इसलिए लगाई आग
बस मालिक महिपाल सिंह खिरजा ने आरोप लगाया कि उनकी बसें जोधपुर-शेरगढ़ ग्रामीण रूट पर संचालित होती हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र का एक नामजद हिस्ट्रीशीटर लंबे समय से उनसे रंगदारी की मांग कर रहा था। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी।
बस मालिक के मुताबिक उन्होंने रंगदारी देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद रंजिश के चलते उनकी दोनों बसों को निशाना बनाकर आग लगा दी गई। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रूट विवाद भी जांच के दायरे में
पुलिस की शुरुआती जांच में बस संचालन के रूट को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि बस रूट पर वर्चस्व की लड़ाई और आपसी प्रतिस्पर्धा भी इस आगजनी की संभावित वजह हो सकती है। इसी कारण रंगदारी, रूट विवाद और पुरानी रंजिश समेत सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक जांच पर फोकस
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाकर आग लगने के कारणों और संभावित ज्वलनशील पदार्थों की जांच कराई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो थानों में दर्ज हुई एफआईआर
दोनों घटनाएं अलग-अलग थाना क्षेत्रों में होने के कारण प्रतापनगर और राजीव गांधी नगर थानों में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि पुलिस दोनों वारदातों को एक ही साजिश का हिस्सा मानते हुए संयुक्त रूप से जांच कर रही है। बस मालिक की शिकायत में नामजद आरोपी की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है।



