पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद भी नहीं बढ़ेगा खर्च! अपनाइए ये 3 आसान तरीके, गाड़ी देगी शानदार माइलेज

नई दिल्ली: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। खासकर रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले और ऑफिस आने-जाने वाले वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच खर्च को कैसे कम किया जाए। ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ड्राइविंग की आदतों और वाहन के रखरखाव में कुछ जरूरी बदलाव किए जाएं, तो गाड़ी का माइलेज बेहतर किया जा सकता है और हर महीने अच्छी-खासी बचत संभव है।
सही स्पीड में चलाएं गाड़ी, कम होगा ईंधन खर्च
विशेषज्ञों के अनुसार, तेज रफ्तार में वाहन चलाने से सबसे ज्यादा ईंधन की खपत होती है। लगातार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर गाड़ी चलाने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे माइलेज कम हो जाता है। वाहन को सामान्य और स्थिर गति में चलाने से ईंधन की बचत होती है। इसके अलावा अचानक ब्रेक लगाने और तेजी से एक्सीलेटर दबाने की आदत भी माइलेज घटाती है। स्मूथ और संतुलित ड्राइविंग को बेहतर माइलेज का सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है।
समय पर सर्विसिंग कराना बेहद जरूरी
ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि गाड़ी की नियमित सर्विसिंग माइलेज बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। यदि इंजन ऑयल पुराना हो जाए, एयर फिल्टर गंदा हो या स्पार्क प्लग सही तरीके से काम न कर रहा हो, तो वाहन ज्यादा ईंधन खर्च करने लगता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 6000 किलोमीटर पर इंजन ऑयल बदलवाना चाहिए और कंपनी के सर्विस शेड्यूल का पालन करना जरूरी है। सही समय पर मेंटेनेंस कराने से इंजन की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है और ईंधन की खपत कम होती है।
टायर प्रेशर पर ध्यान देना भी जरूरी
अक्सर लोग टायर में हवा के सही दबाव को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इसका सीधा असर माइलेज पर पड़ता है। टायर में हवा कम होने पर इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक हर 10 से 15 दिन में टायर प्रेशर जरूर चेक कराना चाहिए। कंपनी द्वारा निर्धारित एयर प्रेशर पर वाहन चलाने से न सिर्फ माइलेज बेहतर होता है, बल्कि टायर की उम्र भी बढ़ती है।
छोटी आदतें दिलाएंगी बड़ी राहत
ऑटो विशेषज्ञों का दावा है कि यदि चालक इन छोटी लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखें, तो 10 से 20 प्रतिशत तक ईंधन की बचत संभव है। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच यह बचत हर महीने लोगों के बजट को काफी राहत दे सकती है।



