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हज 2026 किराए में बढ़ोतरी पर सरकार का स्पष्टीकरण, कहा- वैश्विक संकट के बीच पारदर्शिता के साथ लिया गया फैसला

नई दिल्ली: हज 2026 के हवाई किराए में करीब 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार ने विस्तृत सफाई दी है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ लिया गया है।

ईंधन कीमतों में उछाल बना प्रमुख कारण
सरकार के अनुसार मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक संकट का सीधा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ा है। खासतौर पर एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी वजह से एयरलाइंस कंपनियों ने प्रति यात्री 300 से 400 अमेरिकी डॉलर तक किराया बढ़ाने की मांग रखी थी।

बातचीत के बाद बढ़ोतरी को सीमित किया गया
हज कमेटी और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने मिलकर एयरलाइंस के साथ कई दौर की बातचीत की। सरकार ने बताया कि गहन विचार-विमर्श के बाद इस बढ़ोतरी को घटाकर केवल 100 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 8,400 से 10,000 रुपये प्रति यात्री तक सीमित कर दिया गया। यह फैसला सभी प्रस्थान केंद्रों पर समान रूप से लागू होगा।

सरकार के हस्तक्षेप से तीर्थयात्रियों को राहत
मंत्रालय के मुताबिक अगर एयरलाइंस की शुरुआती मांग मान ली जाती, तो यात्रियों पर कहीं अधिक आर्थिक बोझ पड़ता। सरकारी हस्तक्षेप के चलते प्रति यात्री करीब 200 से 300 अमेरिकी डॉलर की बचत सुनिश्चित की गई है, जिसे एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने फैसले को बताया संवेदनशील और संतुलित
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हज यात्रा लाखों परिवारों के लिए जीवन का एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक सपना होती है। उन्होंने कहा कि सरकार इस भावना का पूरा सम्मान करती है। मंत्री के अनुसार वैश्विक तनाव के कारण ईंधन कीमतों में आई तेज वृद्धि के चलते एयरलाइंस की मांग को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता था, लेकिन बातचीत के जरिए इसे काफी हद तक कम कराया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला पूरी पारदर्शिता और सद्भावना के साथ लिया गया है, ताकि हज 2026 की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें और यात्रियों को न्यूनतम अतिरिक्त भार उठाना पड़े।

निजी टूर ऑपरेटरों पर भी उठे सवाल
सरकार ने यह भी संकेत दिया कि जहां एक ओर हज कमेटी ने किराए को नियंत्रित रखने की कोशिश की, वहीं निजी टूर ऑपरेटर पहले ही अपने पैकेज में भारी बढ़ोतरी कर चुके हैं। इतना ही नहीं, हाल के दिनों में उन्होंने लगभग 150 अमेरिकी डॉलर तक अतिरिक्त वृद्धि भी कर दी है।

एक लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने कराया पंजीकरण
जानकारी के अनुसार हज 2026 के लिए अब तक एक लाख से अधिक तीर्थयात्री पंजीकरण करा चुके हैं। ऐसे में किराए को लेकर लिया गया यह फैसला बड़ी संख्या में यात्रियों को सीधे प्रभावित करेगा।

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