स्वास्थ्य

घंटों लगातार बैठे रहना पड़ सकता है भारी, हर अतिरिक्त घंटे से कैंसर से मौत का खतरा 9% बढ़ा; हल्की गतिविधि से घट सकता है जोखिम

लंदन: लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को लेकर हुए एक बड़े अध्ययन में चौंकाने वाली बात सामने आई है। शोध के अनुसार, रोजाना बिना किसी ब्रेक के बैठे रहने के समय में हर अतिरिक्त एक घंटे के साथ कैंसर से मौत का जोखिम 9% अधिक पाया गया। वहीं, बैठने के समय के एक घंटे को हल्की शारीरिक गतिविधि से बदलने पर कैंसर से मौत के जोखिम में 12% कमी देखी गई।

यह अध्ययन ग्लासगो विश्वविद्यालय के फ्रेडरिक हो और उनके सहयोगियों ने किया है। शोधकर्ताओं ने लगातार बैठे रहने और कैंसर से जुड़े अलग-अलग स्वास्थ्य परिणामों के बीच संबंध का विश्लेषण किया। अध्ययन का मुख्य फोकस इस बात पर था कि लंबे समय तक बिना ब्रेक बैठे रहना स्वास्थ्य पर किस तरह असर डाल सकता है।

सिर्फ कैंसर से मौत नहीं, कई तरह के कैंसर से भी संबंध

अध्ययन में लंबे समय तक लगातार बैठे रहने और कैंसर से मृत्यु के बढ़े हुए जोखिम के बीच संबंध पाया गया। इसके अलावा कुल कैंसर होने और मोटापे से जुड़े कई प्रकार के कैंसर के मामलों के साथ भी लंबे समय तक बैठे रहने का संबंध सामने आया।

इनमें भोजन नली, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय, बड़ी आंत, स्तन, अंडाशय और थायरॉयड से जुड़े कैंसर शामिल हैं।

एक घंटे बैठने की जगह हल्की गतिविधि से मिल सकता है फायदा

शोध का एक अहम निष्कर्ष यह भी रहा कि लगातार बैठे रहने के समय को हल्की शारीरिक गतिविधि से बदलने पर कैंसर से मौत के जोखिम में कमी का संबंध पाया गया। अध्ययन के मुताबिक, लगातार बैठने के एक घंटे की जगह हल्की गतिविधि करने पर कैंसर से मौत का जोखिम 12% तक कम पाया गया।

इससे संकेत मिलता है कि रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत कठिन व्यायाम के बजाय छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

लंबे समय तक बैठने के बीच ब्रेक लेना हो सकता है फायदेमंद

शोध में लगातार बैठने की अवधि को बीच-बीच में हल्की गतिविधि के जरिए तोड़ने के भी सकारात्मक संकेत मिले। ऐसा करने पर अध्ययन में शामिल प्रमुख स्वास्थ्य परिणामों में जोखिम कम होने का संबंध पाया गया।

यानी लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठना, कुछ कदम चलना या हल्की शारीरिक गतिविधि करना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।

काम और यात्रा के दौरान खास ध्यान देने की जरूरत

अध्ययन के निष्कर्ष लंबे समय तक बैठे रहने वाली आधुनिक जीवनशैली पर ध्यान देने की जरूरत बताते हैं। खासकर ऐसे लोग जो काम, यात्रा या अन्य कारणों से दिन का बड़ा हिस्सा लगातार बैठे हुए बिताते हैं, उनके लिए लंबे समय तक बैठने के दौर को बीच-बीच में हल्की गतिविधि से तोड़ना महत्वपूर्ण हो सकता है।

हालांकि, अध्ययन में सामने आए आंकड़े केवल संबंध को दर्शाते हैं। इन्हें इस बात के प्रमाण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए कि लगातार बैठना अकेले ही कैंसर का कारण बनता है।

Related Articles

Back to top button