मध्य प्रदेश

IIT इंदौर का बड़ा कमाल, 10 साल की रिसर्च के बाद तैयार किया स्वदेशी चिप डिजाइन टूल; 60+ देशों में पहुंचा

इंदौर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर ने चिप डिजाइन के क्षेत्र में अहम उपलब्धि हासिल की है। कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रो. अनिर्बन सेनगुप्ता और उनकी टीम ने करीब 10 साल के शोध के बाद ‘एस्पायर एचएलएस’ नाम का स्वदेशी सॉफ्टवेयर टूल विकसित किया है। यह टूल स्मार्टफोन, कैमरा और म्यूजिक सिस्टम जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चिप डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने में मदद करता है।

अमेरिका-जापान समेत 60 से ज्यादा देशों में डाउनलोड

टूल सार्वजनिक किए जाने के बाद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, चीन और जापान समेत 60 से अधिक देशों के इंजीनियर और शोधकर्ता इसे डाउनलोड कर चुके हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, अलग-अलग देशों में इसका इस्तेमाल होना इसकी वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

‘एस्पायर एचएलएस’ सी-कोड या डेटा फ्लो ग्राफ को निर्माण योग्य सर्किट डिजाइन में बदलने में मदद करता है। इससे चिप डिजाइन की प्रक्रिया में लगने वाला समय और श्रम कम किया जा सकता है।

महंगे व्यावसायिक सॉफ्टवेयर का मुफ्त विकल्प

आईआईटी इंदौर की टीम ने इस टूल को विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया है। इसका उद्देश्य चिप डिजाइन के क्षेत्र में शोध और प्रयोग करने वालों को महंगे व्यावसायिक सॉफ्टवेयर के विकल्प के तौर पर एक स्वदेशी मंच उपलब्ध कराना है।

यह टूल खासतौर पर डेटा आधारित सिग्नल प्रोसेसिंग और मल्टीमीडिया सिस्टम से जुड़े कार्यों में उपयोगी बताया गया है। इससे चिप डिजाइन से जुड़े शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया में सुविधा मिल सकती है।

10 साल की रिसर्च के बाद मिली बड़ी सफलता

‘एस्पायर एचएलएस’ को विकसित करने में करीब एक दशक का शोध और तकनीकी काम लगा। प्रो. अनिर्बन सेनगुप्ता और उनकी टीम ने चिप डिजाइन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में लगातार काम किया, जिसके बाद यह स्वदेशी टूल तैयार हुआ।

आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने इसे स्वदेशी तकनीक और वैश्विक नवाचार की दिशा में संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। 60 से अधिक देशों तक इसकी पहुंच ने इस शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है।

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