
फरीदाबाद: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बुधवार को फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। उन्होंने सेक्टर-10 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और सेक्टर-19 स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय दौलताबाद का दौरा कर पढ़ाई, मिड डे मील, पेयजल, भवन, शौचालय और साफ-सफाई समेत कई बुनियादी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से भी बातचीत की।
कक्षाओं में पहुंचे राज्यपाल, विद्यार्थियों से जानी पढ़ाई की स्थिति
राज्यपाल ने स्कूल की कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की और उनसे पढ़ाई से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने दोनों स्कूलों में मिड डे मील, पीने के पानी, स्कूल भवन, वॉशरूम और साफ-सफाई की व्यवस्था देखी। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के अभिभावकों से भी बातचीत की और उनसे बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने की अपील की।
छत से पानी टपकने की शिकायत, शौचालयों की व्यवस्था भी देखी
सेक्टर-10 स्थित स्कूल के विद्यार्थियों ने राज्यपाल को बताया कि बारिश के दौरान छत से कक्षाओं में पानी टपकता है। इसके बाद राज्यपाल ने स्कूल के शौचालयों का भी निरीक्षण किया और साफ-सफाई बेहतर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी शौचालयों के दरवाजे बदलने को कहा। खास तौर पर छात्राओं के शौचालयों के दरवाजों को बदलने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
बच्चों को आईएएस, आईपीएस और डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित करें
राज्यपाल असीम कुमार घोष ने अभिभावकों से बच्चों के भविष्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर और खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
उन्होंने बच्चों के खान-पान, स्वास्थ्य और उनकी मित्र मंडली पर भी अभिभावकों को ध्यान देने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों को डराने या मारने-पीटने के बजाय उन्हें समझाकर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
सेक्टर-10 स्कूल को 10 लाख रुपये देने की घोषणा
निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने सेक्टर-10 स्थित स्कूल के लिए अपनी ओर से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसमें ढाई लाख रुपये जरूरतमंद विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए रखे जाएंगे। बाकी साढ़े सात लाख रुपये स्कूल के खेल मैदान, शौचालय और छत की मरम्मत समेत अन्य जरूरी कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के लिए बड़ा वाटर कूलर लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि उन्हें पीने के पानी की बेहतर सुविधा मिल सके।



