MP में सरकारी मेडिकल कॉलेजों को निजी हाथों में देने का फैसला पलटा, सरकार ने PPP मॉडल पर लगाई रोक

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 9 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी हाथों में सौंपने का फैसला वापस ले लिया है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के छात्रों, डॉक्टरों, कर्मचारियों और आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।
9 मेडिकल कॉलेजों को निजी हाथों में देने की थी तैयारी
दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 9 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मॉडल के तहत निजी क्षेत्र को सौंपने का फैसला किया था। इस निर्णय को लेकर प्रदेश में चर्चा तेज हो गई थी और छात्रों से लेकर डॉक्टरों, कर्मचारियों तथा आम जनता के बीच इसे लेकर चिंता जताई जा रही थी।
अब सरकार ने अपने इस फैसले को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों के निजी हाथों में जाने का रास्ता फिलहाल बंद हो गया है।
मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद बदला फैसला
कुछ दिन पहले ही इस मुद्दे को खबरदार शो में प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद प्रदेशभर में सरकारी मेडिकल कॉलेजों को निजी हाथों में सौंपने के फैसले के खिलाफ माहौल बन गया था। सरकार के फैसले की वापसी को इसी घटनाक्रम के बीच अहम माना जा रहा है।
इस फैसले के वापस होने से मेडिकल शिक्षा से जुड़े छात्रों के साथ डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी राहत मिली है। वहीं, आम जनता के लिए सरकारी चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े इन संस्थानों के निजीकरण की आशंका भी फिलहाल खत्म हो गई है।



