होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को ईरान की 7 शर्तें, बोला- मान गए तो 7 दिन में खुलेगा रास्ता; अमेरिका को सैन्य कार्रवाई पर दी चेतावनी

तेहरान: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच गतिरोध जारी है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जून में अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते में तय सात शर्तें पूरी होने के बाद ही होर्मुज को खोला जाएगा। ईरान का कहना है कि इन शर्तों पर सहमति बनती है तो सात दिनों के भीतर समुद्री मार्ग को दोबारा खोला जा सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल जरूरत से जुड़ा यह समुद्री रास्ता लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का केंद्र बना हुआ है। क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी और नाकाबंदी के बीच ईरान ने अपना रुख और सख्त कर लिया है।
एकतरफा शर्तें थोपने का दौर खत्म: गलिबाफ
रॉयटर्स ने स्थानीय समाचार एजेंसी नूरन्यूज के हवाले से बताया कि ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ जून में हुए अंतरिम समझौते में निर्धारित सात ईरानी शर्तें पूरी होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा।
तेहरान को अमेरिका की ओर से राजनयिक प्रस्ताव का जवाब मिलने के कुछ दिन बाद गलिबाफ का यह बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को समझना होगा कि प्रक्रिया को बेवजह लंबा खींचने और एकतरफा मांगें थोपने का दौर अब खत्म हो चुका है।
गलिबाफ ने कहा कि ईरान का रुख पूरी तरह स्पष्ट और दृढ़ है। उनके मुताबिक, इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के आधार पर तय सात शर्तें पूरी होने तक होर्मुज को नहीं खोला जाएगा।
सात दिन में दोबारा खुल सकता है होर्मुज
ईरान के संसद अध्यक्ष के बयान के अलावा विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी रविवार को होर्मुज को लेकर स्थिति स्पष्ट की। तेहरान में विदेशी राजदूतों और राजनयिकों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका के साथ विवाद सुलझाने के लिए ईरान की ओर से प्रस्तावित योजना को स्वीकार कर लिया जाता है तो सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है।
अराघची ने कहा कि ईरान ने समुद्री मार्ग खोलने से जुड़ी अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा कि ये शर्तें उन प्रतिबद्धताओं से जुड़ी हैं, जिन्हें अमेरिका को स्वीकार करना होगा।
अमेरिका ने सैन्य रास्ता चुना तो ईरान देगा जवाब
ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका को सैन्य कार्रवाई को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने कूटनीति के बजाय दोबारा सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना तो ईरान जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अराघची ने कहा कि तेहरान को उम्मीद है कि वाशिंगटन कूटनीति को प्राथमिकता देगा। हालांकि, अगर अमेरिका फिर से सैन्य समाधान की ओर बढ़ता है तो ईरान पहले से कहीं ज्यादा तैयार है और अपनी रक्षा के लिए जरूरी हर कार्रवाई करेगा।
होर्मुज संकट के बीच 100 डॉलर के पार कच्चा तेल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं।
ब्रेंट क्रूड करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि WTI क्रूड की कीमत लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। वहीं, मर्बन क्रूड ऑयल करीब 110.8 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। होर्मुज को लेकर गतिरोध लंबा खिंचने पर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।



