
नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब जीवनशैली का असर लोगों की नींद पर भी पड़ रहा है। अनियमित दिनचर्या, चिंता और अवसाद जैसी स्थितियों के कारण कई लोगों को रात में समय पर नींद नहीं आती। अगर कोई व्यक्ति पूरी रात जागता रहता है या बहुत कम समय सो पाता है, तो यह अनिद्रा यानी इंसोमनिया की समस्या हो सकती है। इसे नजरअंदाज करने के बजाय अपनी दिनचर्या और सोने की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है।
मोबाइल और टीवी से बनाएं दूरी
कई लोगों को रात में स्मार्टफोन चलाने, लैपटॉप इस्तेमाल करने या टीवी पर फिल्में देखने की आदत होती है। देर रात तक इन उपकरणों का इस्तेमाल नींद में बाधा डाल सकता है। इसलिए सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का इस्तेमाल कम से कम करने की कोशिश करें।
बिस्तर और तकिए की सफाई का रखें ध्यान
अच्छी नींद के लिए सोने की जगह का साफ-सुथरा होना भी जरूरी है। अपनी बेडशीट नियमित रूप से साफ रखें और तकिए पर नया या साफ कवर लगाएं। साफ बिस्तर आरामदायक नींद लेने में मदद कर सकता है।
सोने से पहले थोड़ी देर टहलें
रात में सोने से पहले करीब आधे घंटे से एक घंटे तक टहलने की आदत बनाई जा सकती है। हल्की सैर शरीर को आराम देने और दिनभर की थकान कम करने में मदद कर सकती है। इससे सोने के समय शरीर और दिमाग को रिलैक्स करने में सहायता मिल सकती है।
खाना खाने के तुरंत बाद न लेटें
कई लोगों की आदत होती है कि रात का खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर जाकर लेट जाते हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए। भोजन और सोने के बीच कुछ अंतर रखना बेहतर होता है, ताकि शरीर को भोजन पचाने का समय मिल सके।
छोटी आदतों में बदलाव से मिलेगी मदद
अनिद्रा की समस्या में अपनी रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। रात में स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना, साफ बिस्तर पर सोना, सोने से पहले टहलना और भोजन के तुरंत बाद न लेटना जैसी छोटी-छोटी बातों को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, अगर नींद की समस्या लगातार बनी रहती है, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।



