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LPG Alert: क्या रसोई गैस की होगी किल्लत? 10 जुलाई के नए रेट, सप्लाई और बुकिंग को लेकर सामने आई बड़ी अपडेट

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फिर तेज हुई सैन्य गतिविधियों के बीच देशभर में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई उपभोक्ताओं के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या एलपीजी सिलेंडर की कमी होगी, कीमतों में बढ़ोतरी होगी या फिर बुकिंग के नियमों में बदलाव किया जाएगा। हालांकि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ऐसी किसी स्थिति के संकेत नहीं हैं और देश में एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है।

होर्मुज स्ट्रेट में तनाव से बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संघर्ष विराम संबंधी बयानों के बाद होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में एक बार फिर गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल इस समुद्री रास्ते पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

भारत की 60 फीसदी एलपीजी सप्लाई इसी मार्ग से आती है
भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत एलपीजी आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट के जरिए प्राप्त करता है। इससे पहले भी क्षेत्र में तनाव के दौरान आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी थी, लेकिन भारत ने मांग और आपूर्ति के संतुलन के जरिए पूरे देश में रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखी थी।

फिलहाल सप्लाई पर नहीं पड़ा बड़ा असर
विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा हालात का भारत के कच्चे तेल आयात पर अभी तक कोई बड़ा असर दिखाई नहीं दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रिफाइनरियों ने अपने आयात स्रोतों में विविधता बढ़ाई है, जिससे किसी एक देश या समुद्री मार्ग पर निर्भरता कम हुई है। पिछले 100 दिनों के दौरान भारत के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति लगभग सामान्य बनी रही है। रूस के अलावा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से वैकल्पिक मार्गों के जरिए भी तेल की आपूर्ति जारी है। वहीं पश्चिमी अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से होने वाला आयात भी आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती दे रहा है।

रूस बना भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता
जून महीने में भारत का कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड 4.93 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया। इसमें रूस से करीब 2.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा गया, जो कुल आयात का आधे से अधिक हिस्सा रहा। इसी के साथ रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

बढ़ सकता है मालभाड़ा और बीमा खर्च
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। हालांकि यदि क्षेत्रीय तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो शिपिंग और बीमा लागत बढ़ सकती है। साथ ही अमेरिकी प्रतिबंधों और व्यावसायिक कारणों के चलते भारतीय रिफाइनरियां फिलहाल ईरानी कच्चे तेल को विकल्प के रूप में अपनाने की संभावना नहीं रखती हैं।

10 जुलाई को एलपीजी सिलेंडर के दाम में नहीं हुआ कोई बदलाव
10 जुलाई के लिए जारी कीमतों के अनुसार घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये और 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2930 रुपये है।

कोलकाता में घरेलू सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3081.50 रुपये में उपलब्ध है।

जयपुर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 945.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2957.50 रुपये का है।

चेन्नई में घरेलू सिलेंडर 957.50 रुपये जबकि 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर 3106 रुपये का है।

बुकिंग और सप्लाई पहले की तरह सामान्य
सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अनुसार फिलहाल देशभर में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। बुकिंग प्रक्रिया में भी किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। उपभोक्ताओं को घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वर्तमान समय में एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है।

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