भारत में विदेशी निवेश का बड़ा उछाल! 44% बढ़कर 38.89 अरब डॉलर पहुंची FDI, दुनिया में 11वें स्थान पर पहुंचा देश

नई दिल्ली: भारत ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विनिर्माण क्षेत्र के आधुनिकीकरण और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों के दम पर देश ने वैश्विक रैंकिंग में दो स्थान की छलांग लगाई है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत को 38.89 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ, जो 2024 में आए 27.09 अरब डॉलर की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़ोतरी के साथ भारत एफडीआई प्राप्त करने वाले देशों की सूची में 13वें से 11वें स्थान पर पहुंच गया है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भारत की मजबूत वापसी
संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) की ओर से मंगलवार को जारी वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट-2026 में कहा गया है कि बढ़े हुए विदेशी निवेश ने भारत को वह मजबूत स्थिति फिर दिलाई है, जो दो वर्ष पहले दुनिया के शीर्ष-10 एफडीआई प्राप्त करने वाले देशों की सूची से बाहर होने के बाद कमजोर हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का प्रदर्शन उन विकासशील देशों से बेहतर रहा है, जहां एफडीआई प्रवाह में केवल दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, एशिया की विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में विदेशी निवेश तीन प्रतिशत बढ़ा।
वैश्विक स्तर पर भी बढ़ा विदेशी निवेश
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में वैश्विक एफडीआई प्रवाह छह प्रतिशत बढ़कर 1.6 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। दुनिया के शीर्ष-20 देशों को कुल वैश्विक एफडीआई का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा मिला। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में विदेशी निवेश 11 प्रतिशत बढ़कर 723 अरब डॉलर रहा, जबकि विकासशील देशों में 901 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया।
ग्रीनफील्ड निवेश में आई गिरावट
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में कुल एफडीआई प्रवाह बढ़ने के बावजूद परियोजना स्तर के संकेतकों से निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल दिखाई देता है। घोषित ग्रीनफील्ड निवेश का मूल्य 2024 के 111.14 अरब डॉलर से घटकर 2025 में 74.12 अरब डॉलर रह गया। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद वर्ष 2025 का दुनिया का सबसे बड़ा घोषित ग्रीनफील्ड निवेश भारत में ही दर्ज किया गया। अमेरिकी कंपनी अल्फाबेट इंक ने भारत में डाटा सेंटर स्थापित करने के लिए 14.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा घोषित प्रोजेक्ट रहा।
विदेशों में भी बढ़ा भारतीय कंपनियों का निवेश
भारतीय कंपनियों ने भी विदेशों में निवेश के मामले में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है। वर्ष 2025 में भारतीय कंपनियों ने विदेशों में 35.66 अरब डॉलर का निवेश किया, जो 2024 के 24.26 अरब डॉलर की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि के साथ भारत विदेशी निवेश करने वाली प्रमुख घरेलू अर्थव्यवस्थाओं की सूची में दो स्थान ऊपर चढ़कर 18वें स्थान पर पहुंच गया।



