
छात्र-छात्राओं को डायरिया के प्रति किया जागरूक
पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय तहसीली में पोस्टर व क्विज प्रतियोगिता आयोजित, पोस्टर प्रतियोगिता में आलिया प्रथम, लाइबा द्वितीय एवं अरीबा तृतीय स्थान पर रहीं, 146 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया
मुरादाबाद : पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय तहसीली नगर क्षेत्र में मंगलवार को पोस्टर एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गयी। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को डायरिया की शीघ्र पहचान, बचाव, उपचार और ओआरएस व जिंक की महत्ता के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रतियोगिता का आयोजन “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के तहत पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।
पोस्टर प्रतियोगिता में शामिल छात्र-छात्राओं ने पोस्टर के माध्यम से डायरिया रोकथाम, बचाव, साफ सफाई एवं स्वच्छ व पौष्टिक खानपान का चित्रण किया। पोस्टर प्रतियोगिता में पहले स्थान पर कक्षा-छह की आलिया, दूसरे स्थान पर कक्षा-सात की लाइबा और तीसरे स्थान पर कक्षा-सात की अरीबा रहीं, सांत्वना पुरस्कार इकरा और महिम को प्रदान किया गया। दोनों प्रतियोगिताओं में 60 बच्चों ने भाग लिया। अव्वल रहे बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्या नसीमा सैफी और डी ई आई सी प्रबंधक सगीर अहमद द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉ. मोहम्मद रिजवान एवं पीएसआई इंडिया से मोहम्मद रिजवान द्वारा बच्चों को सही तरीके से हाथ धोने के फायदों, साफ-सफाई के महत्व, जिंक की खुराक,ओआरएस के उपयोग और टीकाकरण आदि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि शौच के बाद, भोजन से पहले हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह अवश्य धुलें। टीकाकरण सारणी के अनुसार सारे टीके लगवाएं और रोटावायरस, विटामिन ए को लेना न भूलें। भोजन को ढककर रखें ताकि मक्खियाँ उस पर न बैठें। जिंक की खुराक को दस्त ठीक होने के बाद भी 14 दिनों तक जारी रखें। पीने के पानी को साफ़ रखें। डायरिया के दौरान ओआरएस से शरीर में पानी की कमी को रोकें।स्वास्थ्य विभाग की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम से डॉ. मोहम्मद रिजवान व डॉ. फौजिया खान ने 146 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आशा कार्यकर्ता ममता और शिक्षिका सल्वी जुल्फीकार, शाजिया एवं नूर फरहा एवं शिक्षक शरद कुमार सागर एवं पीएसआई इंडिया से ममता सैनी का कार्यक्रम में विशेष सहयोग रहा।



