
नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि और सेना का कारक ग्रह माना जाता है। 24 सितंबर 2026 को मंगल पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। मंगल 17 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को गुस्से, कामकाज, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
पुष्य को शनि का नक्षत्र माना जाता है और ज्योतिष में इसे महत्वपूर्ण नक्षत्रों में स्थान दिया गया है। मंगल और शनि से जुड़े प्रभावों के कारण इस अवधि में कुछ लोगों को परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जल्दबाजी में फैसले लेने और विवादों में उलझने से बचना बेहतर रहेगा।
मिथुन राशि: वाणी और पैसों के मामले में संभलकर चलें
मंगल का पुष्य नक्षत्र में गोचर मिथुन राशि के दूसरे भाव को प्रभावित करेगा। ज्योतिष में यह भाव धन, वाणी और परिवार से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में बातचीत के दौरान गुस्सा या कड़वे शब्द रिश्तों में तनाव बढ़ा सकते हैं। परिवार के किसी सदस्य या कार्यस्थल पर किसी व्यक्ति के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है।
इस अवधि में अचानक होने वाला कोई बड़ा खर्च बजट को प्रभावित कर सकता है। इसलिए निवेश से जुड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचने की सलाह दी जाती है। किसी व्यक्ति को बड़ी रकम उधार देने में भी सावधानी बरतना बेहतर रहेगा।
तुला राशि: करियर से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी न करें
तुला राशि वालों के दसवें भाव पर मंगल का प्रभाव रहेगा। ज्योतिष में दसवां भाव कर्म, करियर और व्यवसाय से संबंधित माना जाता है। ऐसे में कार्यक्षेत्र में तनाव या काम को लेकर असहज परिस्थितियां बन सकती हैं। वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाने में भी परेशानी आ सकती है।
17 अक्टूबर तक नौकरी बदलने या किसी बड़े कारोबारी समझौते पर जल्दबाजी में हस्ताक्षर करने से बचने की सलाह दी गई है। अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखना और कार्यस्थल से जुड़े विवादों से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा।
मकर राशि: रिश्ते और साझेदारी में बरतें सावधानी
मकर राशि के स्वामी शनि हैं। मंगल का पुष्य नक्षत्र में गोचर मकर राशि से सातवें भाव को प्रभावित करेगा। यह भाव विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी और कारोबार से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में छोटी-छोटी बातों को लेकर जीवनसाथी के साथ मतभेद या तनाव की स्थिति बन सकती है।
व्यापारिक साझेदारी में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी होगा। किसी गलतफहमी को बढ़ने देने के बजाय महत्वपूर्ण मामलों पर बातचीत के जरिए स्थिति स्पष्ट करने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न बरतें। खासतौर पर रक्तचाप और जोड़ों से जुड़ी परेशानियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
मंगल के नक्षत्र परिवर्तन पर क्या उपाय करें
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ किया जा सकता है। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने की भी परंपरा है। इसके अलावा मंगलवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति या मंदिर में लाल मसूर की दाल, गुड़ अथवा लाल वस्त्र का दान करने की सलाह दी जाती है।



