
मायावती का बड़ा यू-टर्न, आकाश आनंद की BSP में वापसी; फिर बने राष्ट्रीय संयोजक, ससुर अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद बदला फैसला
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर अपना फैसला बदलते हुए भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में वापस शामिल कर लिया है। इसके साथ ही उन्हें दोबारा बसपा का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया है। मायावती ने सोमवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खाते पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बसपा के हित में आकाश आनंद को फिर से पार्टी में काम करने का मौका दिया जा रहा है।
पहले आकाश आनंद को पार्टी से किया था दूर
मायावती ने हाल के दिनों में आकाश आनंद के प्रति नाराजगी जताई थी और बाद में उन्हें माफ भी किया था। हालांकि, इसके बाद उन्होंने कहा था कि आकाश आनंद को दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अपने छोटे भतीजे और आकाश आनंद के भाई ईशान आनंद को आगे बढ़ाया था।
20 सितंबर को मायावती ने कहा था कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद और बेटी दीपिका आनंद को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने परिवार में से केवल ईशान आनंद को सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने की बात कही थी।
इससे पहले 12 सितंबर को मायावती ने कहा था कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार के किसी भी बेटे को पार्टी में छोटे या बड़े पद पर रहते हुए राजनीति करने का अवसर नहीं दिया जाएगा।
दिसंबर 2023 में बनाया था राजनीतिक उत्तराधिकारी
मायावती ने दिसंबर 2023 में आकाश आनंद को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। हालांकि, 10 सितंबर 2026 को उन्होंने आकाश आनंद को बसपा से पूरी तरह अलग कर दिया था। इसकी वजह उनके ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को बताया गया था।
मायावती के बेहद करीबी रहे अशोक सिद्धार्थ को बसपा से निकाले जाने के बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था। अब उनके राजनीति से हटने के बाद मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में जिम्मेदारी दी है।
मायावती ने अशोक सिद्धार्थ का भी किया जिक्र
मायावती ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि आकाश आनंद का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक रहा है, लेकिन पिछले दिनों उनसे जुड़े कुछ ऐसे कारण रहे, जिनकी वजह से संगठन में कई जरूरी बदलाव करने पड़े। उन्होंने कहा कि अंततः आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी राजनीति से संन्यास लेना पड़ा।
मायावती के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से हटने के बाद आकाश आनंद के व्यक्तित्व और कार्यशैली में भी काफी बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने इसके प्रमाण के तौर पर आकाश आनंद की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र किया।
आकाश ने कहा- BSP मेरे लिए सिर्फ पार्टी नहीं, परिवार है
आकाश आनंद ने 2 अक्टूबर को अपने सोशल मीडिया खाते पर कहा था कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि बहुजन समाज पार्टी उनके लिए सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि उनका परिवार है।
आकाश आनंद ने मायावती को अपना राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और बुआ मां बताते हुए कहा था कि उन्होंने राजनीति में जो कुछ सीखा और किया, वह मायावती के मार्गदर्शन में किया है।
पिता और भाई ने भी फैसले पर जताई सहमति
मायावती ने बताया कि ज्यादातर लोगों का मत था कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार कर उन्हें पहले दी गई जिम्मेदारियों के साथ काम करने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आकाश के पिता आनंद कुमार और छोटे भाई ईशान आनंद ने भी इस फैसले पर अपनी सहमति जताई है।
ईशान आनंद ने कहा कि वह बिना किसी पद के भी मायावती के दिशा-निर्देशन में पार्टी की ओर से सौंपे जाने वाले कार्य को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करेंगे।
आकाश आनंद ने मायावती का जताया आभार
पार्टी में वापसी और राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दोबारा मिलने के बाद आकाश आनंद ने मायावती का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मायावती ने उन्हें माफ कर दोबारा भरोसा किया है और वह इस विश्वास को हल्के में नहीं लेंगे।
आकाश ने कहा कि पिछले कुछ समय ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। उनके मुताबिक, सबसे बड़ी सीख यह है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है। उन्होंने कहा कि मायावती के मार्गदर्शन में पार्टी और आंदोलन का हित उनके लिए सर्वोपरि रहेगा।
उन्होंने व्यक्तिगत हितों को पीछे छोड़कर अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ संगठन को मजबूत करने के लिए काम करने की बात कही। आकाश ने कहा कि मायावती ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे अपने काम से सही साबित करना अब उनकी जिम्मेदारी है।



