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मिशन 2027: पश्चिमी यूपी में BJP का मेगा मंथन, नितिन नबीन-योगी संभालेंगे मोर्चा; युवाओं से सीधा संवाद

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी पश्चिमी क्षेत्र के दौरे पर हैं। इस दौरान कार्यकर्ताओं से संवाद, संगठन की समीक्षा और युवाओं से सीधे बातचीत के कार्यक्रम रखे गए हैं।

पश्चिमी यूपी में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत रविवार को गौतमबुद्धनगर से हुई। ग्रेटर नोएडा स्थित जीबीयू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित किया और 25 सितंबर से एक्सपो मार्ट में शुरू होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा की। ट्रेड शो का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे।

मेरठ में एक दिन में होंगी 4 बैठकें

21 सितंबर को नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मेरठ पहुंचेंगे। तीनों नेताओं का रात्रि प्रवास भी मेरठ में रहेगा। यहां संगठन से जुड़े चार कार्यक्रम और बैठकें प्रस्तावित हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे में संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

सहारनपुर में 4800 शक्ति केंद्र संयोजकों से संवाद

22 सितंबर को शीर्ष नेतृत्व सहारनपुर पहुंचेगा। सुभारती विश्वविद्यालय के मैदान में नितिन नबीन पश्चिमी क्षेत्र के करीब 4800 शक्ति केंद्र संयोजकों को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही 2 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ उनका सीधा संवाद प्रस्तावित है। बातचीत में एआई, जेनजी, शिक्षा, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे शामिल होंगे।

इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें होंगी। नितिन नबीन सहारनपुर में मां शाकुंभरी देवी के दर्शन भी करेंगे। पार्टी के मुताबिक, वहां भी संगठन से जुड़े कार्यक्रम और बैठकें होंगी।

पश्चिमी यूपी में 14 जिले और 71 विधानसभा सीटें

भाजपा ने संगठनात्मक तौर पर उत्तर प्रदेश को छह क्षेत्रों में बांटा है। पश्चिम क्षेत्र में मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के 14 जिले शामिल हैं। इनमें सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, संभल और रामपुर शामिल हैं।

इन 14 जिलों में कुल 71 विधानसभा सीटें और 14 लोकसभा सीटें हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 40 सीटें जीती थीं, जबकि सपा-रालोद गठबंधन को 31 सीटें मिली थीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में इन क्षेत्रों में भाजपा और विपक्ष ने 7-7 सीटें जीती थीं।

इन इलाकों पर पार्टी का विशेष फोकस

2022 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों में पश्चिमी क्षेत्र के भीतर अलग-अलग जिलों में भाजपा का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। मेरठ की 7 विधानसभा सीटों में भाजपा 3 सीटें जीत सकी थी, जबकि सहारनपुर की 7 में से 5 सीटें उसके खाते में गई थीं। शामली में भाजपा एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। मुजफ्फरनगर की 6 विधानसभा सीटों में भाजपा को 2 सीटें मिली थीं।

2024 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर सीट कांग्रेस ने, कैराना और मुजफ्फरनगर सीट सपा ने जीती थी, जबकि मेरठ लोकसभा सीट भाजपा के खाते में गई थी। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व के पश्चिमी यूपी दौरे में संगठन की स्थिति और अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी की तैयारियों पर चर्चा अहम हिस्सा है।

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