
हाथरस में सफाई की नई क्रांति: सिर्फ 1 रुपये रोज देकर गांव-गांव होगा कचरा प्रबंधन, पायलट के तौर पर 78 गांवों से शुरुआत
हाथरस जिले में गांवों की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए पंचायती राज विभाग ने एक नई पहल शुरू करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत अब ग्रामीणों को मात्र 1 रुपये प्रतिदिन देकर अपने गांव में कूड़ा-कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इस छोटे से सहयोग से गांवों की सूरत बदल सकती है और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा।
क्यूआर कोड के जरिए होगा भुगतान, सीधे पंचायत खाते में जाएगा पैसा
नई व्यवस्था के तहत गांव के हर परिवार को क्यूआर कोड के माध्यम से रोजाना 1 रुपये का भुगतान करना होगा। यह राशि सीधे ग्राम पंचायत निधि के खाते में जमा की जाएगी। ग्रामीण चाहें तो 30 दिनों का भुगतान एक साथ 30 रुपये के रूप में भी कर सकते हैं। जिले में कुल 462 ग्राम पंचायतें और 643 गांव हैं, लेकिन इस योजना की शुरुआत पहले चरण में 78 गांवों से की जाएगी। प्रारंभिक सफलता के बाद इसे पूरे जिले में लागू करने की तैयारी है।
गांवों में कचरे की समस्या बनी बड़ी चुनौती
जिले के अधिकांश गांवों में कूड़ा-कचरा एक गंभीर समस्या बन चुका है। गांवों के प्रवेश द्वारों और सड़कों के किनारे अक्सर कचरे के ढेर दिखाई देते हैं। ग्रामीण आमतौर पर कचरा गांव के बाहर डाल देते हैं, जिससे गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ता है। सफाई व्यवस्था के लिए नियुक्त कर्मियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में रही है, जहां कई स्थानों पर नियमित सफाई नहीं हो पाती।
सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए विभाग की सख्त पहल
पंचायती राज विभाग ने इस स्थिति को बदलने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, कई सफाई कर्मी वर्षों से प्रभावी काम किए बिना वेतन ले रहे हैं। अब विभाग ने गांव-गांव में सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने का संकल्प लिया है और इसके लिए “एक रुपये में कचरा प्रबंधन” योजना लागू की जा रही है।
घर-घर कूड़ा संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था
इस योजना के तहत ग्राम पंचायतें ई-रिक्शा या ट्राई साइकिल के माध्यम से घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करेंगी। एकत्रित कचरे को आरआरसी केंद्र पर ले जाकर उसका पृथक्करण किया जाएगा। जैविक कचरे का निस्तारण कम्पोस्टिंग विधि से किया जाएगा, जबकि प्लास्टिक जैसे अजैविक कचरे को पीडब्लूएम यूनिट के माध्यम से निपटाया जाएगा।
ग्रामीणों ने जताया समर्थन, कहा—छोटा योगदान, बड़ा बदलाव
गांव के लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। ग्रामीण बनवारी सिंह का कहना है कि यदि रोजाना 1 रुपये देने से कचरे से छुटकारा मिलता है और बीमारियों से बचाव होता है, तो यह बेहद जरूरी कदम है। वहीं अर्जुन सिंह ने कहा कि आज के समय में 1 रुपये का महत्व कम है, लेकिन इससे गांव साफ-सुथरा बन सकता है, इसलिए सभी को सहयोग करना चाहिए।
अधिकारियों की बैठक में बनी कार्ययोजना, जल्द शुरू होगा क्रियान्वयन
इस योजना को लेकर सभी ग्राम पंचायत सचिवों और प्रधानों के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश बाबू के अनुसार, यदि हर ग्रामीण इस सोच के साथ आगे आए कि 1 रुपये में बेहतर सफाई संभव है, तो गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है और स्वच्छता का नया मॉडल स्थापित होगा।



