स्वास्थ्य

शराब ही नहीं, ये चीजें भी पहुंचा सकती हैं लिवर को गंभीर नुकसान, मेडिकल एक्सपर्ट ने किया आगाह

नई दिल्ली: लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है और इससे जुड़ी बीमारियां कई तरह की हो सकती हैं। इनमें नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज, अल्कोहल से संबंधित लिवर डिजीज, हेपेटाइटिस, हेमोक्रोमैटोसिस और प्राथमिक पित्त सिरोसिस जैसी समस्याएं शामिल हैं। आमतौर पर लिवर खराब होने के प्रमुख कारणों में शराब का सेवन गिना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ सप्लीमेंट और हर्बल उत्पाद भी लिवर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

लिवर से जुड़ी समस्याएं अब अलग-अलग उम्र के लोगों में देखी जा रही हैं। द गट हेल्थ क्लिनिक की क्लिनिकल निदेशक जो कनिंघम ने बताया है कि शराब के अलावा भी कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनके इस्तेमाल से लिवर को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।

सप्लीमेंट और हर्बल उत्पाद बन सकते हैं खतरा

नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, कई लोग बाजार में मिलने वाले विटामिन और अन्य सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं, जबकि हर व्यक्ति को इनकी जरूरत नहीं होती। संतुलित आहार के जरिए भी शरीर की कई पोषण संबंधी जरूरतें पूरी की जा सकती हैं।

जो कनिंघम के अनुसार, हर्बल चाय और कुछ सप्लीमेंट लिवर में चोट पहुंचाने के साथ-साथ लिवर फेल होने की स्थिति तक पैदा कर सकते हैं। खास तौर पर शरीर बनाने और वजन कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सप्लीमेंट को अधिक जोखिम वाला बताया गया है। इनके सेवन से पीलिया जैसी समस्या भी हो सकती है।

पिछले कुछ वर्षों में दवाओं और रसायनों के कारण लिवर को होने वाले नुकसान के कई मामले सामने आए हैं। चिकित्सकीय भाषा में इसे हेपेटोटॉक्सिसिटी कहा जाता है। जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट लेने पर इस तरह के नुकसान का खतरा और बढ़ सकता है।

‘प्राकृतिक’ लिखा होना सुरक्षा की गारंटी नहीं

जो कनिंघम ने चेतावनी दी है कि किसी सप्लीमेंट पर प्राकृतिक लिखा होने का मतलब यह नहीं है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है। सप्लीमेंट की अधिक मात्रा लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए किसी भी तरह के सप्लीमेंट का इस्तेमाल शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी माना जाता है, ताकि व्यक्ति की जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही मात्रा तय की जा सके।

ज्यादा खुराक से दूसरी परेशानियां भी

सप्लीमेंट की जरूरत से ज्यादा मात्रा लेने पर केवल लिवर को ही नुकसान नहीं पहुंचता, बल्कि तेजी से वजन बढ़ना, सिरदर्द, मतली और कब्ज जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। कई लोग विटामिन की गोली समझकर बिना ज्यादा सोचे इनका सेवन शुरू कर देते हैं, लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, सूक्ष्म पोषक तत्वों का सेवन भी निर्धारित दैनिक मात्रा के अनुसार ही किया जाना चाहिए। खनिज पदार्थों और वसा में घुलने वाले विटामिन की अधिक मात्रा शरीर में विषैले तत्वों के निर्माण का कारण बन सकती है।

डॉक्टर की सलाह के बिना सप्लीमेंट से बचें

जो कनिंघम के मुताबिक, बेहतर परिणाम की उम्मीद में अक्सर लोग सप्लीमेंट का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं, लेकिन जितना संभव हो बिना जरूरत इनके सेवन से बचना चाहिए। खासकर ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं किया जाना चाहिए।

नेशनल हेल्थ सर्विस भी आगाह करता है कि बहुत अधिक मात्रा में या लंबे समय तक सप्लीमेंट का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को अपनी मर्जी से शुरू करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि गलत मात्रा या लंबे समय तक सेवन लिवर के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

Related Articles

Back to top button