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सोने-चांदी की कीमतों में हाहाकार! चांदी ₹8,237 तक टूटी, सोना भी ₹2,084 हुआ सस्ता

नई दिल्ली: घरेलू कमोडिटी बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी का वायदा भाव एक झटके में 8,237 रुपये तक टूट गया, जबकि सोने की कीमत में भी 2,084 रुपये की कमी आई। इस गिरावट के बाद चांदी करीब 2.10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में आई गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया।

एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों के भाव धड़ाम

वायदा बाजार में 4 दिसंबर की डिलीवरी वाली चांदी की कीमत करीब 8,237 रुपये यानी 3.76 प्रतिशत गिरकर 2,10,508 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं, सोने का भाव 2,084 रुपये यानी 1.50 प्रतिशत टूटकर 1,46,366 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। दोनों कीमती धातुओं में आई इस तेज गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी पर दबाव

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। सोने का भाव 1.31 प्रतिशत फिसलकर 4,122.05 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी की कीमत 4.18 प्रतिशत गिरकर 57.035 डॉलर प्रति औंस रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली बढ़ने का सीधा असर घरेलू वायदा कारोबार पर पड़ा।

अमेरिका के महंगाई आंकड़ों ने बढ़ाई ब्याज दरों की चिंता

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की एक प्रमुख वजह अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े बताए जा रहे हैं। बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में अमेरिका का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) महीने-दर-महीने 0.6 प्रतिशत बढ़ा। महंगाई का आंकड़ा उम्मीद से अधिक रहने के बाद बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ गई।

निवेशकों को आशंका है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। इस संभावना के बीच सोने और चांदी में बिकवाली तेज हुई, जिससे दोनों की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।

डॉलर की मजबूती भी सोने-चांदी के लिए चुनौती

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी का कारोबार मुख्य रूप से डॉलर में होता है। ऐसे में डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए इन धातुओं की खरीद महंगी पड़ सकती है। इससे मांग प्रभावित होने की आशंका रहती है और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की बढ़ सकती है मांग

यदि अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं या उनमें और बढ़ोतरी होती है, तो निवेशकों के लिए ब्याज देने वाले बॉन्ड अधिक आकर्षक हो सकते हैं। इसके मुकाबले सोना और चांदी नियमित ब्याज नहीं देते। ऐसे माहौल में निवेशकों का रुझान दूसरे विकल्पों की ओर बढ़ने से कीमती धातुओं की मांग प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

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