इंडोनेशिया की संसद में पीएम मोदी का संबोधन, बोले- राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ मेरी दोस्ती कॉपीराइट की सभी सीमाओं से परे

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया दौरे के दौरान मंगलवार को वहां की संसद को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक संबंधों, लोकतांत्रिक मूल्यों और दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडोनेशिया की संसद में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है और वह 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हुए सभी नागरिकों की ओर से शुभकामनाएं लेकर आए हैं।
‘यह दोस्ती किसी कॉपीराइट की मोहताज नहीं’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि आज सुबह राष्ट्रपति ने कॉपीराइट की बात की थी, लेकिन प्यार, स्नेह, मित्रता और आपसी सम्मान जैसी भावनाओं पर किसी का कॉपीराइट नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ उनकी दोस्ती कॉपीराइट की सभी सीमाओं से परे है।
सर्वोच्च सम्मान को बताया 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने का अवसर मिला, जिसे उन्होंने पूरे भारत और 140 करोड़ भारतीयों के सम्मान के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने इंडोनेशिया की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वहां मिला स्नेह और आत्मीय स्वागत उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।
‘भारत विकास की नीति पर चलता है, विस्तारवाद की नहीं’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा विकास की नीति पर विश्वास करता है, विस्तारवाद पर नहीं। उन्होंने कहा कि भारत ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है, जिसका उद्देश्य सभी की भागीदारी के साथ समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ भारत विश्व समुदाय के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है।
समुद्र नहीं, दोनों देशों के बीच सहयोग का पुल है
प्रधानमंत्री ने भारत और इंडोनेशिया के भौगोलिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की राजधानियां भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन समुद्र उन्हें केवल करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर जोड़ता है। उन्होंने कहा कि जहां कई देशों के लिए समुद्र दूरी का प्रतीक होता है, वहीं भारत और इंडोनेशिया के लिए यह सहयोग, संपर्क और साझा भविष्य का मजबूत पुल है।
आजादी के आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक रिश्तों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दोनों को लगभग एक ही दौर में स्वतंत्रता मिली। उन्होंने याद दिलाया कि जब इंडोनेशिया अपने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए संघर्ष कर रहा था, तब भारत ने संयुक्त राष्ट्र में उसका मजबूती से समर्थन किया था। उन्होंने बीजू पटनायक की भूमिका का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उस समय इंडोनेशिया के प्रधानमंत्री सुल्तान शहरिर और उपराष्ट्रपति मोहम्मद हट्टा को सुरक्षित भारत लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत हुए।



