सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी प्रकाश राज को, बंद हुए विज्ञापन और हाथ से निकलीं फिल्में; पत्नी पोनी वर्मा ने किया खुलासा

नई दिल्ली: अभिनेता प्रकाश राज अपनी शानदार अदाकारी के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए भी जाने जाते हैं। कई बार उन्होंने ऐसे विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी है, जिन पर फिल्म इंडस्ट्री के दूसरे सितारे बोलने से बचते हैं। हालांकि, उनकी इस स्पष्टवादिता का असर उनके पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। अब उनकी पत्नी और मशहूर कोरियोग्राफर पोनी वर्मा ने एक इंटरव्यू में बताया है कि प्रकाश राज को अपने विचार व्यक्त करने की वजह से काम से जुड़े नुकसान भी झेलने पड़े। उनके मुताबिक, प्रकाश राज के विज्ञापन बंद हो गए और कुछ फिल्में भी उनके हाथ से निकल गईं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बात रखने से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया।
राजनीतिक बयानों को लेकर चिंतित रहती थीं पोनी वर्मा
यूट्यूब चैनल प्रेमा को दिए इंटरव्यू में पोनी वर्मा ने बताया कि शुरुआत में वह प्रकाश राज की राजनीतिक और सामाजिक टिप्पणियों को लेकर काफी परेशान रहती थीं। उन्हें आशंका होती थी कि लगातार खुलकर बोलने के कारण उनके पति को किसी तरह की मुश्किल का सामना न करना पड़े।
पोनी के मुताबिक, साल 2017 में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या ने प्रकाश राज को गहरे सदमे में डाल दिया था। गौरी लंकेश उनकी बेहद करीबी दोस्त थीं और दोनों की दोस्ती 35 साल से भी ज्यादा पुरानी थी। उनकी हत्या की खबर ने प्रकाश राज को अंदर तक झकझोर दिया। इस घटना के बाद उन्होंने चुप रहने के बजाय अपनी आवाज और मजबूती से उठाने का फैसला किया।
गौरी लंकेश की हत्या ने बदल दिया नजरिया
पोनी वर्मा ने बताया कि गौरी लंकेश की हत्या के बाद प्रकाश राज के मन में यह सवाल उठने लगा था कि आखिर कब तक डरकर रहा जा सकता है। वह खुद भी अपने पति की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती थीं। उन्हें लगता था कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर लगातार बोलना प्रकाश राज के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
हालांकि, प्रकाश राज का मानना था कि गलत के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। पोनी के अनुसार, गौरी लंकेश भी अपने विचारों पर मजबूती से कायम रहती थीं। उनकी हत्या ने प्रकाश राज को यह एहसास कराया कि डर के कारण अपनी बात कहना बंद नहीं किया जा सकता।
बेबाक बयानों का करियर पर पड़ा असर
पोनी वर्मा ने दावा किया कि प्रकाश राज की स्पष्टवादिता का असर उनके फिल्मी करियर पर भी देखने को मिला। उनके मुताबिक, इंडस्ट्री में कुछ लोग ऐसे थे जिन्हें प्रकाश राज की राजनीतिक राय पसंद नहीं थी। इसके चलते उनके विज्ञापन बंद हो गए और कुछ फिल्में भी उनके हाथ से निकल गईं।
पोनी ने कहा कि मनोरंजन जगत में कई कलाकार अपने करियर और कमाई को सुरक्षित रखने के लिए विवादित मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बोलने से बचते हैं। लेकिन प्रकाश राज ने अपने जमीर की आवाज को प्राथमिकता दी। उनका मानना है कि जब कोई बात गलत लगती है, तो उस पर चुप रहना उचित नहीं है।
कौन थीं गौरी लंकेश, जिनकी हत्या से हिल गए थे प्रकाश राज?
गौरी लंकेश की हत्या ने साल 2017 में पूरे देश में अभिव्यक्ति की आजादी और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी थी। बेंगलुरु में उनके घर के बाहर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। वह अपनी निर्भीक पत्रकारिता और सामाजिक मुद्दों पर मुखर विचारों के लिए जानी जाती थीं। उनकी मौत से प्रकाश राज गहरे प्रभावित हुए थे।
विचारों से समझौता करने को तैयार नहीं प्रकाश राज
पोनी वर्मा की बातों से जाहिर होता है कि प्रकाश राज के लिए सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखना केवल सार्वजनिक छवि का हिस्सा नहीं, बल्कि उनके व्यक्तिगत विश्वास से जुड़ा फैसला है। पेशेवर नुकसान और आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने अपने विचार व्यक्त करना जारी रखा। गौरी लंकेश की हत्या उनके जीवन का ऐसा मोड़ बनी, जिसने उन्हें गलत के खिलाफ और मजबूती से आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।



