
यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर होंगे बंद, दो दिन में सभी मीटर पोस्टपेड मोड में बदलने की तैयारी; उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मोड में बदले जाएंगे। इस प्रक्रिया को अगले दो दिनों में पूरा करने की तैयारी की गई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं और सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आरडीएसएस योजना के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर, जो वर्तमान में प्रीपेड मोड में संचालित हो रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए। आदेश के मुताबिक यह बदलाव यूपीपीसीएल मुख्यालय स्तर से आरएमएस बैकएंड के जरिए किया जाएगा।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड समेत अन्य विद्युत निगमों के अधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देश भेज दिए गए हैं। अधीक्षण अभियंता शहर मोहम्मद अरशद ने आदेश मिलने और प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की है।
घरेलू उपभोक्ताओं को बकाया भुगतान में मिलेगी राहत
यूपीपीसीएल की ओर से जारी निर्देशों में घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को विशेष राहत देने की बात कही गई है। प्रीपेड से पोस्टपेड मोड में परिवर्तन के दौरान 30 अप्रैल तक के बकाये, जिसमें विलंब अधिभार भी शामिल है, को दस किश्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी।
इसके अलावा उपभोक्ताओं को तीन किश्तों में भुगतान का विकल्प भी मिलेगा। इसके तहत पहली किश्त में 40 प्रतिशत और बाकी दो किश्तों में 30-30 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। हालांकि, यदि उपभोक्ता विलंब अधिभार से बचना चाहते हैं तो उन्हें बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा।
तीन किस्तों में ली जाएगी सिक्योरिटी राशि
जब स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में बदला गया था, उस समय उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि को बिजली बिल में समायोजित कर दिया गया था। अब मीटर दोबारा पोस्टपेड मोड में आने के बाद यह सिक्योरिटी राशि नियमानुसार वापस जोड़ी जाएगी।
बिजली विभाग के मुताबिक सिक्योरिटी की यह रकम उपभोक्ताओं से तीन मासिक बिलों में किस्तों के रूप में ली जाएगी।
अब महीने में आएगा बिजली बिल, मिलेगा 15 दिन का समय
पोस्टपेड मोड लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को पहले की तरह मासिक बिजली बिल जारी किया जाएगा। बिजली बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन की ड्यू डेट दी जाएगी। इसके बाद सात दिन का डिस्कनेक्शन समय मिलेगा, जिसकी जानकारी बिल पर दर्ज रहेगी।
यदि निर्धारित ड्यू डेट तक भुगतान नहीं किया गया तो उपभोक्ताओं से विलंब अधिभार वसूला जाएगा। एमडी पीवीवीएनएल रवीश गुप्ता ने बताया कि अब स्मार्ट मीटर पूरी तरह पोस्टपेड बिलिंग साइकिल पर काम करेंगे। पहले प्रीपेड मोड में रोजाना बैलेंस कटता था, लेकिन अब एक महीने की नियमित बिलिंग व्यवस्था लागू होगी।
लखनऊ से एक कमांड पर बदले जाएंगे स्मार्ट मीटर
मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लखनऊ से एक केंद्रीय कमांड के जरिए पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा। इसके बाद उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली बिल मिलेगा और उसे निर्धारित समय सीमा में जमा करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है और नई व्यवस्था पूरी तरह पोस्टपेड सिस्टम पर आधारित होगी।
बिजली बिल शिकायतों के लिए लगेगा विशेष अभियान
उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए बिजली विभाग 15 मई से 30 जून तक विशेष अभियान चलाएगा। अधीक्षण अभियंता शहर मोहम्मद अरशद ने बताया कि इस दौरान अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
इसके अलावा उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से भी अपनी समस्याओं का समाधान करा सकेंगे। विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा।



