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पंजाब को देश का नंबर-1 एजुकेशन हब बनाएंगे, बच्चों को विदेशों की ओर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी: मुख्यमंत्री भगवंत मान

चंडीगढ़: पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों को नई दिशा देने की तैयारी में जुटी भगवंत मान सरकार ने अब राज्य को देश का अग्रणी शिक्षा केंद्र बनाने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है जिससे राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या अन्य देशों की ओर देखने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में आए बदलावों के सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगे हैं।

चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आयोजित ‘सितारे ज़मीन पर’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षाओं में सभी जिलों से शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब पहचान के लिए संघर्ष नहीं कर रहे, बल्कि उत्कृष्टता, आत्मविश्वास और अवसरों के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में पंजाब ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में छात्राओं के बढ़ते वर्चस्व और जेईई मेन में सरकारी स्कूलों के 359 विद्यार्थियों की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में शुरू की गई पहलें अब ठोस परिणाम दे रही हैं।

अपने सोशल मीडिया संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि समान अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की रैंकिंग जन्मतिथि के आधार पर तय करने के बजाय उन्हें संयुक्त रूप से प्रथम स्थान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से पंजाब के सरकारी स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के बाद भी विनम्रता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी जमीन से जुड़े रहना ही वास्तविक उपलब्धि है।

सरकारी स्कूलों में बदला माहौल, बढ़ा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की शिक्षा क्रांति ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सोच और आकांक्षाओं को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और मुकाबलों में हिस्सा लेने से हिचकिचाते थे, लेकिन अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और लगन ने परिवार, शिक्षकों और समाज का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने शिक्षा और सरकारी स्कूलों की अनदेखी की, जबकि वर्तमान सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देकर बदलाव की मजबूत नींव रखी है।

विदेशों में प्रशिक्षण ले रहे शिक्षक, आधुनिक शिक्षा पर जोर

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है। वहां से लौटने के बाद शिक्षक आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का अनुभव विद्यार्थियों और अपने सहयोगियों के साथ साझा करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विश्वस्तरीय शिक्षा को राज्य के हर स्कूल और हर कक्षा तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह कार्यक्रम शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार ला रहा है और इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रशिक्षण से शिक्षकों की दक्षता बढ़ रही है और विद्यार्थी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान दौर कौशल आधारित विकास का है और सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

विद्यार्थियों को मेहनत और विनम्रता का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जमीन से उठकर संघर्ष करने वाले लोग ही स्थायी सफलता हासिल करते हैं, जबकि बिना मेहनत के मिली उपलब्धियां लंबे समय तक टिक नहीं पातीं।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को ऐसे अवसर देना है, जिससे वे अपने विचारों और प्रतिभा को नई उड़ान दे सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच सफलता के लिए जरूरी हैं, लेकिन घमंड किसी भी उपलब्धि को कमजोर कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नम्रता, मेहनत और दृढ़ता को जीवन का आधार बनाने की अपील की।

पंजाब की विरासत और युवाओं की क्षमता पर जताया गर्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब केवल देश का अन्नदाता ही नहीं, बल्कि साहस, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति की पहचान भी है। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती महान गुरुओं, संतों और शहीदों की विरासत से समृद्ध है, जिन्होंने अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा दी।

उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई और हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यही जज्बा आज की युवा पीढ़ी को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।

शिक्षा मंत्री बोले- अब कोई बच्चा फर्श पर बैठकर नहीं पढ़ता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि जब उन्होंने विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी, तब पंजाब में करीब चार लाख बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से अब राज्य में ऐसा कोई विद्यार्थी नहीं है जिसे फर्श पर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़े।

उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़ी राष्ट्रीय रिपोर्टों में पंजाब लगातार शीर्ष राज्यों में शामिल हो रहा है और यह बदलाव शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का परिणाम है।

मनीष सिसोदिया ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव की उठाई मांग

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करती हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली को बदलकर ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए जो विद्यार्थियों की समग्र योग्यता, क्षमता और व्यक्तित्व का आकलन कर सके। उनके अनुसार 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और मूल्यांकन प्रणाली विकसित करना समय की मांग है।

विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव, सरकार की पहलों की सराहना

कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों के प्रति संतोष व्यक्त किया। फरीदकोट जिले के जैतो की हरलीन शर्मा ने विद्यार्थियों को लगातार प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

श्री मुक्तसर साहिब जिले के रुपाणा के विद्यार्थी निखिल पांडे ने अपने शिक्षकों को समर्पित कविता प्रस्तुत की और कहा कि सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

लुधियाना की सुहानी चौहान ने कहा कि शिक्षा संबंधी पहलों से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। वहीं ज़ीरा की छात्रा अनमोलप्रीत कौर ने कहा कि छात्राओं के लिए परिवहन सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं ने शिक्षा को अधिक सुलभ बनाया है।

शिक्षा क्रांति के दिखने लगे नतीजे

राज्य सरकार के अनुसार शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। नीति आयोग के स्कूल शिक्षा मूल्यांकन में पंजाब के सरकारी स्कूलों ने कई पारंपरिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है।

इस वर्ष स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के 359 विद्यार्थियों ने जेईई मेन परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया है। सरकार ने जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने हेतु ‘फिजिक्स वाला’ के साथ साझेदारी भी की है।

सरकार ने राज्य के करीब 19 हजार सरकारी स्कूलों में माता-पिता-शिक्षक मिलनी कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें लगभग 25 लाख अभिभावकों और 1.8 लाख से अधिक स्कूल कर्मियों की भागीदारी रही। इसके अलावा शिक्षकों के लिए फिनलैंड और सिंगापुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम, विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधाएं तथा स्कूल ऑफ एमिनेंस का विस्तार भी प्रमुख पहलों में शामिल हैं।

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