जीवनशैलीस्वास्थ्य

डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान बन सकता है केसर! रिसर्च में ब्लड शुगर कंट्रोल को लेकर सामने आए अहम संकेत

नई दिल्ली: डायबिटीज आज दुनिया भर में तेजी से फैलने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल हो चुकी है। इस बीमारी में सबसे जरूरी होता है ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित रखना। विशेषज्ञों के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज के मामले सबसे अधिक सामने आते हैं, जिसमें अग्न्याशय पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता। वहीं टाइप-1 डायबिटीज में इंसुलिन का उत्पादन लगभग पूरी तरह बंद हो जाता है। ऐसे में दवाइयों के साथ संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली की अहम भूमिका मानी जाती है।

मोटापा बढ़ाता है डायबिटीज का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा डायबिटीज के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है। अधिक वजन वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका सामान्य लोगों की तुलना में अधिक रहती है। हालांकि बाजार में ब्लड शुगर नियंत्रित करने के लिए कई दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर भी इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

रिसर्च में केसर को लेकर मिले सकारात्मक संकेत
‘जर्नल ऑफ रिसर्च इन मेडिकल साइंसेज’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नियमित रूप से केसर का सेवन टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। इस अध्ययन में 54 लोगों को शामिल किया गया, जिन्हें दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को लगातार 8 सप्ताह तक दिन में दो बार केसर के अर्क वाले कैप्सूल दिए गए।

8 सप्ताह बाद दिखा ब्लड शुगर में सुधार
अध्ययन के दौरान जिन प्रतिभागियों ने 8 सप्ताह तक केसर के अर्क का सेवन किया, उनमें ब्लड शुगर स्तर में कमी दर्ज की गई। शोधकर्ताओं का मानना है कि केसर शरीर में ग्लूकोज नियंत्रण की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है, जिससे डायबिटीज प्रबंधन में लाभ मिलने की संभावना बनती है।

विशेषज्ञों की सलाह, इलाज का विकल्प नहीं है केसर
हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि केसर को डायबिटीज का निश्चित उपचार नहीं माना जा सकता। अभी तक ऐसे पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, जिनके आधार पर इसे इलाज का विकल्प बताया जाए। इसलिए डायबिटीज के मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के अपनी दवाएं बंद न करें और किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और गलत खानपान के कारण कम उम्र के लोग भी तेजी से डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं।

Related Articles

Back to top button