मध्य प्रदेशराज्य

‘सरकार आपके द्वार’ अभियान: 3-4 अक्टूबर को लगेंगे शिविर, मौके पर मिलेंगी सरकारी योजनाओं और सेवाओं की सुविधाएं

भोपाल: नागरिकों को पारदर्शी, संवेदनशील, जवाबदेह और समयबद्ध लोक सेवाएं उनके गांव और वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में ‘सरकार आपके द्वार’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 3 अक्टूबर, शनिवार को विकासखंड स्तर पर और 4 अक्टूबर, रविवार को नगरीय क्षेत्रों में शिविर लगाए जाएंगे। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी कलेक्टर, कमिश्नर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय निकायों के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

किसानों और कमजोर वर्गों तक पहुंचाया जाएगा योजनाओं का लाभ

अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख हितग्राही योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाना है। इसमें खास तौर पर किसान, ग्रामीण, श्रमिक, महिलाएं, वंचित और कमजोर वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। अभियान को ‘जन-विश्वास अभियान’ से भी जोड़ा गया है, ताकि सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर जनता का भरोसा मजबूत हो।

3 अक्टूबर को विकासखंड, 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में शिविर

हर जिले के सभी विकासखंडों में 3 अक्टूबर को शिविर लगाए जाएंगे। वहीं 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम में जोनवार और नगर पालिका तथा नगर परिषद क्षेत्रों में शिविर आयोजित होंगे।

शिविरों के लिए सार्वजनिक और आसानी से पहुंच वाले स्थानों का चयन किया जाएगा। इनमें उत्कृष्ट विद्यालय परिसर, जनपद पंचायत परिसर, सामुदायिक भवन या खेल मैदान शामिल हो सकते हैं। ऐसे स्थानों पर पर्याप्त खुली जगह, पेयजल, छाया और आवागमन की सुविधा उपलब्ध होना जरूरी होगा।

इन शिविरों में लोक सेवा प्रबंधन, नगरीय विकास एवं आवास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहयोगी भूमिका निभाएंगे।

कलेक्टर करेंगे नोडल अधिकारियों की नियुक्ति

कलेक्टर जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। ये अधिकारी अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। शिविर प्रभारी अधिकारी की सहायता के लिए जिला स्तर से सहायक अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा।

विकासखंड स्तर पर शिविर के प्रभारी अधिकारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे। नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर पालिका के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा नगर निगम के जोनल कार्यालय के लिए संबंधित जोनल अधिकारी प्रभारी होंगे।

शिविर में पात्र हितग्राहियों की पहचान और मौके पर लाभ

शिविरों में पहले से योजनाओं का लाभ लेने वाले हितग्राहियों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही ऐसे पात्र लोगों की सूची तैयार की जाएगी, जिन्हें अभी तक योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। वार्षिक लक्ष्य के अनुसार शेष पात्र हितग्राहियों को शिविर में ही योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था की जाएगी।

शिविर में आने वाले हितग्राहियों का पंजीयन भी किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग तीन पंजीयन स्टॉल बनाए जाएंगे। इन स्टॉल पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। यदि किसी विकासखंड में संबंधित विभाग का अधिकारी पदस्थ नहीं है, तो कलेक्टर अपने स्तर से अधिकारी की नियुक्ति करेंगे।

मौके पर मिलेगी योजनाओं की सुविधा, स्वास्थ्य जांच भी होगी

शिविरों में विभागों के बीच समन्वय के जरिए हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ मौके पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। राज्य विभाग नोडल की भूमिका निभाते हुए अन्य प्रमुख विभागों के साथ समन्वय कर पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाएगा।

हर शिविर स्थल पर स्वास्थ्य शिविर लगाना अनिवार्य होगा। यहां लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

कम से कम 25 स्टॉल समेत रहेंगी कई सुविधाएं

विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कम से कम 25 सुसज्जित और एक समान स्टॉल लगाए जाएंगे। शिविर में बैठने की व्यवस्था, पेयजल, बिजली, कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही सेल्फी प्वाइंट समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी जनपद पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद जैसे स्थानीय निकायों की होगी।

हर दिन शाम 6 बजे तक पोर्टल पर देनी होगी रिपोर्ट

शिविरों की दैनिक प्रगति की जानकारी अधिकृत राज्य पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। प्रत्येक शिविर में प्राप्त कुल आवेदनों, मौके पर स्वीकृत आवेदनों, लंबित आवेदनों और वितरित हितलाभों की संख्या की जानकारी रोज शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी।

अगर किसी पीड़ित, किसान या गरीब नागरिक की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान शिविर में मौके पर होता है, तो उसकी सफलता की कहानी तैयार की जाएगी। इसके लिए फोटो, संक्षिप्त वीडियो और सफलता की कहानी निर्धारित पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। शिविरों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

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