
रायपुर: छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार और प्रेस क्लब रायपुर के पूर्व उपाध्यक्ष सुखनंदन लाल बंजारे का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पत्रकारिता जगत, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। वह 43 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे।
जानकारी के अनुसार सुखनंदन बंजारे पक्षाघात से पीड़ित थे और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन भी किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुख
सुखनंदन बंजारे के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि वरिष्ठ पत्रकार के निधन का समाचार बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।
भाजपा नेताओं ने बताया अपूरणीय क्षति
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी बंजारे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से एक आत्मीय साथी को खो दिया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में कार्य के दौरान सुखनंदन बंजारे से लगातार संपर्क रहा और उनकी निष्पक्ष पत्रकारिता, सरल व्यक्तित्व तथा जनहित के मुद्दों के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि बंजारे ने बस्तर की समस्याओं और जनभावनाओं को पूरी ईमानदारी के साथ मुख्यधारा तक पहुंचाने का काम किया। कम उम्र में उनका निधन मीडिया जगत के लिए बड़ी क्षति है।
सांसद संतोष पांडेय ने दी श्रद्धांजलि
भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि सुखनंदन बंजारे ने अपनी निष्पक्ष, बेबाक और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता के दम पर अलग पहचान बनाई थी। उनका आकस्मिक निधन पत्रकारिता और समाज दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है।
भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग के संयोजक हेमंत पाणिग्रही और विभाग के अन्य पदाधिकारियों ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत पत्रकार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
टी.एस. सिंहदेव बोले- स्तब्ध करने वाली खबर
छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भी सुखनंदन बंजारे के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह समाचार बेहद स्तब्ध करने वाला है। सिंहदेव ने बताया कि कुछ समय पहले ही एक साक्षात्कार के दौरान उनकी विस्तृत बातचीत हुई थी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की।
पत्रकारिता जगत में शोक की लहर
सुखनंदन बंजारे लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े रहे और उन्होंने विशेष रूप से जनसरोकारों, ग्रामीण मुद्दों और बस्तर क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उनके निधन से पत्रकारिता जगत में गहरा शोक है और विभिन्न संगठनों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।



