उत्तर प्रदेशजीवनशैलीमेरठराज्य

मेडिकल कॉलेज मेरठ में मायस्थेनिया ग्रेविस बीमारी का हुआ सफल इलाज

अपनी परेशानी के लिए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और ईएनटी विशेषज्ञों से परामर्श लिया।

Meerut News: मेरठ के मेडिकल कॉलेज में मायस्थेनिया ग्रेविस जैसी खतरनाक बीमारी का सफल इलाज किया गया। 26 वर्षीय महिला ग़जाला निवासी गढ़मुक्तेश्वर मरीज को लंबे समय से निगलने में परेशानी, आवाज में नाक जैसी आवाज और बोलने के तरीके में बदलाव की शिकायत थी।
इन समस्याओं के कारण मरीज ने कई बार प्राइवेट चिकित्सालयों में अलग-अलग डॉक्टरों से सलाह ली। मरीज ने अपनी परेशानी के लिए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और ईएनटी विशेषज्ञों से परामर्श लिया।
आवाज में बदलाव की समस्या के लिए मरीज का DNS (नाक की हड्डी टेढ़ी होने) का ऑपरेशन भी किया गया, लेकिन इसके बाद भी उसकी परेशानी में सुधार नहीं हुआ। लगातार समस्या बने रहने के कारण मरीज ने आगे न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ से भी परामर्श लिया। कई जगह इलाज और परामर्श लेने के बाद मरीज ने एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ के न्यूरोलॉजी विभाग में संपर्क किया।
न्यूरोमस्कुलर बीमारी की संभावना पर विचार किया
न्यूरोलॉजी विभाग में मरीज को भर्ती कर विस्तार से जांच और परीक्षण किया गया। मरीज की शिकायतों और जांच के आधार पर डॉक्टरों ने न्यूरोमस्कुलर बीमारी की संभावना पर विचार किया।
मरीज की कई आवश्यक जांचें की गईं। इनमें Repetitive Nerve Stimulation Test (RNST) भी शामिल था। यह जांच मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध होने के कारण मरीज को बाहर की तुलना में काफी कम खर्च में कराई जा सकी। बाहर इस जांच में लगभग ₹15,000 तक का खर्च आ सकता है, जबकि मेडिकल कॉलेज में यह जांच बहुत कम लागत में उपलब्ध हुई। जांचों के बाद मरीज में मायस्थेनिया ग्रेविस की पुष्टि हुई।
मरीज का उपचार डॉ. दीपिका सागर, विभागाध्यक्ष, न्यूरोलॉजी विभाग के मार्गदर्शन में शुरू किया गया। उपचार शुरू होने के लगभग 24 घंटे के अंदर मरीज की शिकायतों में स्पष्ट सुधार दिखाई देने लगा। मरीज को लगातार निगरानी एवं उपचार के बाद तीन दिन में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उसे आगे नियमित न्यूरोलॉजी फॉलो-अप की सलाह दी गई।
बदलाव, नाक से बोलने जैसी आवाज या बोलने में परेशानी
इस संबंध में डॉ. दीपिका सागर ने बताया कि यदि किसी मरीज को लंबे समय तक निगलने में परेशानी, आवाज में बदलाव, नाक से बोलने जैसी आवाज या बोलने में परेशानी हो और अलग-अलग विशेषज्ञों से इलाज के बावजूद आराम न मिले, तो न्यूरोलॉजिकल बीमारी की संभावना पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि मायस्थेनिया ग्रेविस की समय पर पहचान और सही उपचार से मरीज को जल्दी राहत मिल सकती है। मेडिकल कॉलेज में आधुनिक जांच और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होने से मरीजों को कम खर्च में आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। यह मामला इस बात को दर्शाता है कि लंबे समय से बनी हुई निगलने और बोलने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ से भी सलाह लेनी चाहिए।

Related Articles

Back to top button