मधुबाला की खूबसूरती पर फिदा हो गया था पाकिस्तान का भावी प्रधानमंत्री! ‘मुगल-ए-आजम’ के सेट से जुड़ा चर्चित किस्सा फिर चर्चा में

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार मधुबाला का नाम आज भी उनकी अदाकारी, खूबसूरती और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े किस्सों के कारण सुर्खियों में बना रहता है। उनकी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा ही चर्चित प्रसंग एक बार फिर चर्चा में है, जिसमें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो का नाम उनसे जोड़ा जाता है।
कहा जाता है कि मधुबाला की खूबसूरती और व्यक्तित्व के प्रशंसकों की लंबी सूची में जुल्फिकार अली भुट्टो भी शामिल थे। यह किस्सा उस दौर का माना जाता है, जब फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ की शूटिंग चल रही थी और मधुबाला अपने करियर के स्वर्णिम दौर में थीं।
करियर की ऊंचाइयों के बीच निजी जिंदगी भी थी चर्चा में
उस समय मधुबाला न सिर्फ फिल्मी दुनिया की सबसे बड़ी सितारों में गिनी जाती थीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी भी लगातार सुर्खियों में रहती थी। अभिनेता दिलीप कुमार के साथ उनके रिश्तों में आई दूरी को लेकर फिल्मी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं।
इसी दौरान जुल्फिकार अली भुट्टो का नाम भी अभिनेत्री के करीबियों में लिया जाने लगा। उस समय भुट्टो एक युवा, शिक्षित और उभरते हुए राजनीतिक चेहरे के रूप में पहचान बना रहे थे।
‘मुगल-ए-आजम’ के सेट पर पहुंचने की होती थी चर्चा
फिल्मी हलकों में लंबे समय तक यह चर्चा रही कि जुल्फिकार अली भुट्टो अक्सर मुंबई आते थे और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों के संपर्क में रहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात मधुबाला से हुई और दोनों के बीच मित्रता विकसित हुई।
कुछ चर्चित दावों के अनुसार, भुट्टो कई बार ‘मुगल-ए-आजम’ के सेट पर भी पहुंचे थे और अभिनेत्री के साथ समय बिताना पसंद करते थे। हालांकि इन दावों को लेकर विभिन्न स्रोतों में अलग-अलग विवरण मिलते हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
रिश्तों को लेकर होती रहीं अटकलें
उस दौर में दोनों के संबंधों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाती थीं। कुछ रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया कि भुट्टो अभिनेत्री के प्रति विशेष लगाव रखते थे और उन्होंने अपनी भावनाएं भी व्यक्त की थीं।
हालांकि, मधुबाला अपने करियर और निजी जीवन को लेकर काफी सजग मानी जाती थीं। बताया जाता है कि उन्होंने हमेशा ऐसे किसी भी कदम से दूरी बनाए रखी, जिससे भविष्य में कोई विवाद खड़ा हो सकता था।
एक ने चुना सिनेमा, दूसरे ने राजनीति का रास्ता
समय के साथ दोनों की राहें अलग हो गईं। वर्ष 1960 में मधुबाला ने प्रसिद्ध गायक और अभिनेता किशोर कुमार से विवाह कर लिया। वहीं जुल्फिकार अली भुट्टो ने राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाई और आगे चलकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बने।
दोनों का जीवन रहा उतार-चढ़ाव से भरा
मधुबाला का जीवन लंबा नहीं रहा। गंभीर बीमारी से जूझने के बाद उन्होंने वर्ष 1969 में मात्र 36 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया। दूसरी ओर जुल्फिकार अली भुट्टो का राजनीतिक जीवन भी कई बड़े घटनाक्रमों से गुजरा और वर्ष 1979 में उन्हें फांसी दे दी गई।
आज भी लोगों की दिलचस्पी का विषय हैं ऐसे किस्से
मधुबाला के जीवन से जुड़े ऐसे प्रसंग आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। सिनेमा, इतिहास और राजनीति से जुड़े इन किस्सों को लेकर वर्षों बाद भी उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि इन घटनाओं से जुड़े कई दावे अलग-अलग स्रोतों और चर्चाओं पर आधारित हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।



