बिहार

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन! गोली चलाने वाला STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार, जांच में तेज हुई कार्रवाई

पटना: बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भरत तिवारी पर गोली चलाने के आरोपी स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस गिरफ्तारी के बाद बहुचर्चित एनकाउंटर मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है।

एफआईआर में कई पुलिस अधिकारी भी नामजद

भरत तिवारी के परिजनों की ओर से दर्ज प्राथमिकी में तत्कालीन जगदीशपुर डीएसपी राजेश शर्मा, शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया था। गिरफ्तारी के बाद भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि मामले में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।

17 जून को हुआ था कथित एनकाउंटर

17 जून 2026 को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी का कथित पुलिस एनकाउंटर हुआ था। आरोप है कि पुलिस ने भरत तिवारी के आत्मसमर्पण करने और हथियार फेंकने के बाद उसे हिरासत में लेकर गोली मार दी। घटना में उसे पांच गोलियां लगी थीं। इसी आरोप को लेकर पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा बटोरी थी।

विभागीय कार्रवाई के बाद बनी न्यायिक जांच आयोग

फर्जी एनकाउंटर के आरोपों और विरोध-प्रदर्शनों के बाद डीएसपी, थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई थी। भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी के बयान पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी भी दर्ज की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया। पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित आयोग मामले की जांच कर रहा है। अब तक आयोग 15 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से पूछताछ कर चुका है। आयोग ने भरत तिवारी के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।

परिजनों ने मुख्यमंत्री से की थी मुलाकात

हाल ही में भरत तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इस मुलाकात की व्यवस्था कराई थी। परिजनों ने मुख्यमंत्री पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद व्यक्त की थी।

इस मामले को लेकर बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी, अशोक चौधरी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान समेत एनडीए के कई नेताओं ने भी कथित फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। न्याय की मांग को लेकर पटना से दिल्ली तक कई प्रदर्शन भी हुए।

परिजनों ने कहा- सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक जारी रहेगी लड़ाई

एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने सरकार की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है। हालांकि भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने उस अधिकारी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई, जिसके आदेश पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया है।

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