
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में नवनिर्मित सेप्टिक टैंक में दम घुटने से 2 मजदूरों की मौत हो गई। हादसा सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान में हुआ, जहां सेप्टिक टैंक की ढलाई में इस्तेमाल अस्थायी ढांचे को हटाने के लिए एक के बाद एक दोनों मजदूर अंदर गए थे। पुलिस के मुताबिक, अंदर जहरीली गैस के कारण दोनों की जान चली गई।
मृतकों की पहचान सोनू कुमार और मोहम्मद जहांगीर के रूप में हुई है। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद रस्सी की मदद से दोनों के शवों को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया।
अस्थायी ढांचा हटाने टैंक में उतरे थे दोनों मजदूर
मुजफ्फरपुर सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुरेश कुमार ने बताया कि एक निर्माणाधीन मकान में सेप्टिक टैंक बनाया गया था। इसकी ढलाई के दौरान इस्तेमाल किए गए अस्थायी ढांचे को हटाने के लिए पहले एक मजदूर टैंक के अंदर गया। उसके बाद दूसरा मजदूर भी अंदर उतरा।
दोनों के अंदर जाने के बाद दम घुटने से उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान चलाकर दोनों शवों को बाहर निकाला।
15 दिनों से बंद था सेप्टिक टैंक
अधिकारियों के अनुसार, निर्माण पूरा होने के बाद सेप्टिक टैंक करीब 15 दिनों से बंद था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोनू और जहांगीर को बचाने के लिए तीसरा मजदूर दिनेश कुमार भी टैंक के अंदर गया था। वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया।
हालांकि स्थानीय लोगों और अन्य मजदूरों की मदद से दिनेश कुमार को बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सुरक्षा मानकों और मकान मालिक की भूमिका की जांच
पुलिस ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। इसमें निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं और मकान मालिक की भूमिका क्या रही, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। दोनों मृत मजदूरों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस जांच के बाद हादसे की पूरी स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रही है।



