रक्षाबंधन पर भी नहीं मिलेगी छुट्टी! प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए भोपाल नगर निगम के सभी दफ्तर रहेंगे खुले

भोपाल: रक्षाबंधन जैसे बड़े पर्व के बीच भोपाल नगर निगम ने कर्मचारियों के अवकाश को लेकर बड़ा फैसला लिया है। संपत्ति कर की वसूली बढ़ाने के लिए नगर निगम ने शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी निरस्त कर दी है। इसके तहत भोपाल के सभी जोन और वार्ड कार्यालय दोनों दिन खुले रहेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में उपस्थित रहकर करदाताओं से संपत्ति कर जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम के मुताबिक, संपत्ति कर जमा करने पर करदाताओं को 6 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। खास बात यह है कि शनिवार और रविवार को भी करदाता इस छूट का लाभ उठा सकेंगे। नगर निगम ने अवकाश के दिनों में कार्यालय खोलने का निर्णय इसलिए लिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग समय पर संपत्ति कर जमा कर सकें और उन्हें छूट का फायदा मिल सके।
निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने दिए कार्यालय खोलने के निर्देश
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने सभी जोन और वार्ड कार्यालयों को शनिवार और रविवार को खोलने के निर्देश जारी किए हैं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दोनों दिन कार्यालयों में मौजूद रहने को कहा गया है। इसके जरिए संपत्ति कर जमा करने आने वाले लोगों को छुट्टी के दिन भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
संपत्ति कर पर 6 प्रतिशत छूट का लाभ उठाने का मौका
वित्तीय वर्ष 2026-27 के संपत्ति कर पर नगर निगम की ओर से 6 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। छूट की अवधि खत्म होने में अब केवल तीन दिन बाकी बताए जा रहे हैं। ऐसे में नगर निगम ने करदाताओं की सुविधा को देखते हुए शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी भी रद्द कर दी है। इन दोनों दिनों के साथ सोमवार को भी करदाता निर्धारित छूट का लाभ उठा सकेंगे।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कई करदाता कामकाजी दिनों में कार्यालय पहुंचकर संपत्ति कर जमा नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोगों को सप्ताहांत में भुगतान की सुविधा देने से कर संग्रह बढ़ाने में मदद मिल सकती है। अधिकारियों के अनुसार, पहले भी रविवार के दिन संपत्ति कर का संग्रह अधिक देखा गया है।
बुधवार को कार्यालय बंद रखने की व्यवस्था पर भी विचार
भोपाल नगर निगम में कामकाज की व्यवस्था में बदलाव को लेकर भी विचार किया जा रहा है। नगर निगम कार्यालयों को बुधवार को बंद रखने और रविवार को नियमित रूप से काम कराने की संभावना पर चर्चा चल रही है। इस संबंध में निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने नोडल अधिकारियों, अतिरिक्त आयुक्तों, उपायुक्तों, सहायक आयुक्तों और राजस्व अधिकारियों से सुझाव मांगे हैं।
फिलहाल वार्ड प्रभारियों और निचले स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर चर्चा की जा रही है। हालांकि, इस बदलाव को लेकर कर्मचारियों की ओर से विरोध भी सामने आ रहा है।



