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ईरान पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- अब कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा तेहरान; शी जिनपिंग की भी जमकर तारीफ

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने समय रहते ईरान को रोक दिया, वरना वह परमाणु हथियार विकसित कर लेता। इस दौरान ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी खुलकर तारीफ की और उन्हें “बहुत अच्छा इंसान” बताया।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि वेनेजुएला के बाद अब ईरान की सैन्य ताकत भी पूरी तरह कमजोर हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और नेतृत्व अब पहले जैसी स्थिति में नहीं हैं और वह समझौते के लिए बेताब है।

ट्रंप बोले- हमने ईरान को रोक दिया

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा, “अगर हम ईरान को नहीं रोकते तो वह परमाणु हथियार बना लेता, लेकिन हमने उसे रोक दिया। अब वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान से जुड़ा उनका मिशन पूरा होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मिडिल ईस्ट में दखल देना जरूरी था। उन्होंने बताया कि जब उनसे पूछा गया कि आखिर इस क्षेत्र में हस्तक्षेप क्यों जरूरी है, तब उन्होंने जवाब दिया कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना बेहद अहम था।

शी जिनपिंग की तारीफ में पढ़े कसीदे

ट्रंप ने अपने चीन दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई थी। ट्रंप के मुताबिक, शी जिनपिंग ने अमेरिकी सेना की तारीफ की और उसे “अविश्वसनीय” बताया। ट्रंप ने भी जिनपिंग को “बहुत अच्छा इंसान” करार दिया।

ईरान पहुंचे पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर

इधर, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी ईरान के लिए रवाना हो गए हैं। दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान से जुड़े तनाव को कम करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात ने सऊदी अरब और कतर के साथ मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत जारी रखने की अपील की है।

बताया जा रहा है कि खाड़ी देशों को आशंका है कि यदि ईरान की ओर से कोई जवाबी कार्रवाई होती है तो इससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है और तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है।

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