अन्तर्राष्ट्रीय

यूक्रेनी सांसद ने रूस और पुतिन पर साधा निशाना, PM मोदी और भारत के रुख की तरीफ की

कीव : यूक्रेन के सांसद वादिम हलाईचुक ने बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले साल 24 फरवरी को यूक्रेन चैन की नींद सो रहा था। तभी पूरे यूक्रेन में बम गिरने लगे। रूस ने रहवासी इलाकों में बम गिराए। सिविलियन इंफ्रा को निशाना बनाया। रूस को लगता था कि यूक्रेन उससे डर जाएगा। उसने हमें डराने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। यूक्रेन अब पहले से ज्यादा मजबूत है।

उन्होंने कहा कि पुतिन के हालिया भाषण ने पता चलता है कि क्रेमलिन तनाव कम करने और बातचीत शुरू करने के बारे में सोच भी नहीं रहा। उसका ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है। रूस के साथ परमाणु हथियार प्रतिबंध को समाप्त करने की धमकी दे रहा है। यह ठीक नहीं है। वादिम हलाईचुक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद से हमें से लड़ना होगा। हमें विश्वास नहीं होता कि रूस ने हमले को रोकने में कोई गंभीरता दिखाई है। संघर्ष विराम के बारे में अभी कोई बातचीत नहीं की। हमें बातचीत के लिए रूसी का इरादा भी नजर नहीं आ रहा।

यूक्रेनी सांसद ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान ‘यह युद्ध का युग नहीं है’ के आभारी हैं। आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य रूप से भारत की ताकत और क्षमताओं को देखते हुए हमें पूरा यकीन है कि रूस को यह संदेश सुनना होगा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य ही है कि रूसियों ने इसके प्रति कोई समझ नहीं दिखाई। इसलिए हम आशा करते हैं कि यह संदेश फिर दोहराया जाएगा। इससे रूसियों के लिए स्पष्ट संदेश जाएगा कि उनके पास युद्ध जारी रखने के लिए कोई समर्थन नहीं है।

कल यानी शुक्रवार को यूक्रेन में युद्ध को एक साल पूरा हो जाएगा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमीर जेलेन्स्की ने फिर दोहराया है कि वे ऐसा कोई समझौता नहीं करेंगे, जिससे उनके देश की एक इंच जमीन भी रूस को मिल जाए। जबकि रूस यूक्रेन के दोनेत्स्क और लुहांस्क इलाकों को अपने मिला चुका है। पिछले वर्ष 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन में अपनी ‘विशेष सैनिक कार्रवाई’ शुरू की थी। हाल में उसने अपना पुराना रुख दोहराया है कि वह यूक्रेन के साथ समझौता करने को तैयार है, लेकिन यह साफ है कि रूस यह समझौता अपनी शर्तों पर करना चाहता है। इस बीच रूस ने यूक्रेन पर अपने हमले जारी रखे हैं। ऐसे संकेत हैं कि रूस इन हमलों में तेजी लाने की तैयारी में है।

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