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3 राज्यों के उपचुनाव में मतदान घटा, दतिया में 10%, बांकीपुर में 7% और मांजलपुर में 22% कम वोटिंग; 3 अगस्त को आएंगे नतीजे

नई दिल्ली: बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया है। इसके साथ ही सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। तीनों सीटों के चुनाव परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। इस बार तीनों ही विधानसभा क्षेत्रों में पिछले चुनाव की तुलना में मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है, जिसने राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 34.30 प्रतिशत, मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर करीब 70 प्रतिशत और गुजरात की मांजलपुर सीट पर 37.50 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। तीनों सीटों पर पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले वोटिंग प्रतिशत कम रहा।

दतिया में 10 प्रतिशत कम हुआ मतदान

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस विधायक की सदस्यता समाप्त होने के बाद उपचुनाव कराया गया। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र वाली इस सीट पर करीब 70 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जबकि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में यहां 80.20 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस तरह इस बार मतदान में लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

वर्ष 2023 के चुनाव में इस सीट पर बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ था, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा चुनाव हार गए थे। इस बार भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से घनश्याम सिंह मैदान में हैं। आजाद समाज पार्टी ने दामोदर यादव को प्रत्याशी बनाया है। मतदान के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर अब परिणाम पर टिकी हुई है।

बांकीपुर में सबसे कम मतदान ने बढ़ाई सियासी चिंता

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। यहां 34.30 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में मतदान 41.39 प्रतिशत रहा था। इस तरह इस बार करीब 7 प्रतिशत कम वोटिंग दर्ज की गई, जिसे इस शहरी सीट का अब तक का सबसे कम मतदान बताया जा रहा है।

बांकीपुर में कुल 26 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा, जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता के बीच माना जा रहा है। यह सीट वर्ष 1995 से भाजपा के कब्जे में रही है। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद हुए इस उपचुनाव में भाजपा के लिए अपनी परंपरागत सीट बचाना प्रतिष्ठा का विषय माना जा रहा है।

मांजलपुर में 22.65 प्रतिशत की बड़ी गिरावट

गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर 37.50 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां 60.15 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस प्रकार इस बार मतदान में 22.65 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

मांजलपुर सीट पर भाजपा विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद उपचुनाव कराया गया है। यह सीट पाटीदार बहुल मानी जाती है। भाजपा ने यहां पाटीदार समुदाय से उम्मीदवार उतारा है, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी मुकाबले को रोचक बनाने की कोशिश में हैं।

कम मतदान के राजनीतिक मायने

बांकीपुर और मांजलपुर दोनों शहरी विधानसभा सीटें हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार उपचुनावों में अक्सर आम चुनाव की तुलना में मतदाताओं का उत्साह कम देखने को मिलता है, जिसके चलते मतदान प्रतिशत घट जाता है।

परंपरागत रूप से माना जाता है कि कम मतदान का लाभ उस दल को मिल सकता है, जिसका संगठन और बूथ स्तर का नेटवर्क मजबूत हो। बांकीपुर और मांजलपुर लंबे समय से भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र रहे हैं। ऐसे में कम मतदान को भाजपा के परंपरागत वोट बैंक के पक्ष में भी देखा जा रहा है।

दतिया और बांकीपुर पर टिकी नजर

दतिया में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद भी उन्होंने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में पूरी ताकत झोंकी है। दूसरी ओर बांकीपुर में प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है, जिससे चुनावी परिणाम को लेकर राजनीतिक दलों की उत्सुकता बढ़ गई है।

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