
नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के बीच मोटापा तेजी से एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार 20 से 55 वर्ष की आयु के बीच अधिकांश लोगों का वजन हर साल लगभग आधा से एक किलोग्राम तक बढ़ जाता है। यह बढ़ोतरी अक्सर जरूरत से सिर्फ 100 से 200 अतिरिक्त कैलोरी रोजाना लेने की वजह से होती है। अच्छी बात यह है कि कुछ छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव अपनाकर वजन बढ़ने की इस प्रक्रिया को काफी हद तक रोका जा सकता है।
छोटे बदलावों से मिल सकता है बड़ा फायदा
मोटापा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन 100 से 200 कैलोरी कम ले या उतनी अतिरिक्त कैलोरी खर्च करे तो लंबे समय में वजन बढ़ने की आशंका कम हो सकती है। कई शोधों में भी पाया गया है कि जीवनशैली में किए गए मामूली बदलाव वजन नियंत्रण में मददगार साबित होते हैं।
वजन नियंत्रण का सिद्धांत कैसे आया?
अमेरिकी मोटापा विशेषज्ञ जेम्स हिल ने वर्ष 2004 में सबसे पहले ‘स्मॉल चेंज अप्रोच’ का विचार सामने रखा था। इसके तहत खानपान और शारीरिक गतिविधियों में छोटे-छोटे बदलाव करके वजन बढ़ने की रफ्तार को रोकने पर जोर दिया गया। कई अध्ययनों में 8 से 14 महीनों के दौरान इस तरीके के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।
बस से एक स्टॉप पहले उतरें
यदि आप सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं तो अपने गंतव्य से एक स्टॉप पहले उतरकर बाकी दूरी पैदल तय करें। इससे रोजाना 10 से 15 मिनट अतिरिक्त चलने का मौका मिलेगा और लगभग 60 कैलोरी तक खर्च हो सकती हैं।
तेल का इस्तेमाल थोड़ा कम करें
खाना बनाते समय तेल की मात्रा पर नियंत्रण भी वजन बढ़ने से रोक सकता है। एक चम्मच जैतून के तेल में 100 से अधिक कैलोरी होती है। ऐसे में तेल का सीमित उपयोग अतिरिक्त कैलोरी से बचने का आसान तरीका हो सकता है।
मिठाई पूरी नहीं, आधी खाएं
यदि मिठाई खाने की इच्छा हो तो पूरी मिठाई एक साथ खाने के बजाय उसका कुछ हिस्सा अगले दिन के लिए बचाकर रखें। इससे अनावश्यक कैलोरी सेवन कम किया जा सकता है।
फोन पर बात करते हुए टहलें
दिनभर में आने वाली कॉल्स के दौरान बैठे रहने के बजाय चलते-फिरते बातचीत करना भी शरीर को सक्रिय रखने का सरल तरीका माना जाता है। इससे अतिरिक्त ऊर्जा खर्च होती है और शारीरिक गतिविधि बढ़ती है।
मीठे खाद्य पदार्थों से बनाएं दूरी
केक, बिस्कुट, मिठाइयों और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करके रोजाना 100 से 200 कैलोरी तक की कटौती की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यही छोटी बचत लंबे समय में वजन नियंत्रण में अहम भूमिका निभाती है।
वजन घटाने नहीं, बढ़ने से बचाने में अधिक प्रभावी
शोधकर्ताओं के अनुसार यह रणनीति मुख्य रूप से वजन बढ़ने की रोकथाम के लिए प्रभावी साबित हुई है। हालांकि पहले से बढ़े हुए वजन को कम करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना जरूरी है।



