मध्य प्रदेशराज्य

स्मित मछार की बहादुरी पर कांग्रेस ने क्यों साधी चुप्पी? CM मोहन यादव बोले- अल्पसंख्यक वोट बैंक खोने का डर

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ इसलिए नहीं की, क्योंकि उसे अल्पसंख्यक समुदाय का वोट बैंक खिसकने का डर है। उन्होंने कहा कि अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों की सुरक्षा के लिए साहस दिखाने वाले पायलट की वीरता की सराहना की जानी चाहिए, लेकिन कांग्रेस के नेता राजनीतिक नुकसान के डर से ऐसा करने से बच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्मित मछार के साहस को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हुए कांग्रेस नेताओं के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की राजनीति आज भी वोट बैंक के इर्द-गिर्द घूम रही है और सत्ता में रहने के दौरान भी उसका व्यवहार ऐसा ही था।

स्मित मछार की बहादुरी का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में सह-पायलट ने कथित तौर पर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी। विमान में 174 यात्री सवार थे। इस दौरान भारतीय पायलट स्मित मछार ने उसका मुकाबला किया और यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। बाद में विमान का मार्ग बदलकर सऊदी अरब के तबुक ले जाया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई।

यादव ने दावा किया कि ओमान के एक व्यक्ति ने विमान के भीतर स्मित मछार पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। इसके बावजूद पायलट ने हिम्मत नहीं हारी और करीब 200 लोगों की जान बचाने के लिए अपनी सुरक्षा की परवाह नहीं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बहादुरी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि वोटों के नुकसान के डर से किसी की वीरता की प्रशंसा नहीं करना शर्मनाक है।

राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर भी उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। राहुल गांधी 1 अक्टूबर को हाल के महीनों में संक्रामक बीमारियों के कारण जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने कांग्रेस के शासनकाल में आदिवासी क्षेत्रों में माओवादी हिंसा और चंबल में डकैतों की गतिविधियों का मुद्दा उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार के समय बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जैसे आदिवासी बहुल जिलों में माओवादियों को मनमानी करने की खुली छूट मिली हुई थी। वहीं, चंबल क्षेत्र में डकैतों का आतंक भी बना हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को उन इलाकों में हिंसा और सुरक्षा की स्थिति पर अपने शासनकाल में ही गंभीरता दिखानी चाहिए थी।

1999 में मंत्री लिखिराम कावरे की हत्या का किया जिक्र

मोहन यादव ने वर्ष 1999 में तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री लिखिराम कावरे की माओवादियों द्वारा की गई हत्या का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता ने कावरे के परिवार से मिलकर उनके निधन पर संवेदना व्यक्त करने की पहल नहीं की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जब उनकी सरकार ने पूरे मध्य प्रदेश से नक्सलवाद खत्म कर दिया है, तब कांग्रेस के नेता बालाघाट का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसके नेताओं को वहां जाकर लोगों की समस्याओं और हिंसा की घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए था।

राहुल गांधी पर परिवारवाद को लेकर भी निशाना

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का रवैया ऐसा है, मानो उनका जन्म राजकुमार के रूप में हुआ हो और उनके परिवार के सदस्यों का प्रधानमंत्री बनना पहले से तय हो। यादव ने कांग्रेस की राजनीति और उसके नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को जनता के मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

रानी दुर्गावती की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए CM

मोहन यादव ये बातें गोंडवाना की पूर्व शासक रानी दुर्गावती की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने रानी दुर्गावती के साहस और देश के लिए उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में फैले गोंड वंश के 52 किलों के पूर्व शासकों के वंशजों को सम्मानित किया गया।

इस आयोजन में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह भी मौजूद रहे।

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