उत्तर प्रदेशमेरठ

विश्व हेपेटाइटिस दिवस: एलएलआरएम के मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर पर स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन

हेपेटाइटिस के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में जागरूक किया गया।

Meerut News: विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ के मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर (हेपेटाइटिस क्लिनिक) द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम, कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) एवं निःशुल्क हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करना, चिकित्सकों को नवीनतम उपचार एवं प्रबंधन संबंधी जानकारी प्रदान करना तथा राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाना था।
विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा व्याख्यान दिए गए

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मेरठ डॉ. राम प्रसाद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. सी. गुप्ता ने की। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित CME में हेपेटाइटिस की रोकथाम, समय पर जांच, नवीनतम उपचार पद्धतियों, रोगियों के प्रभावी प्रबंधन तथा राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा व्याख्यान दिए गए।
साथ ही मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों में निःशुल्क हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए तथा आमजन को हेपेटाइटिस के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएट) चिकित्सा विद्यार्थियों, एम.बी.बी.एस. विद्यार्थियों, बी.एससी. नर्सिंग के विद्यार्थियों, फार्मेसी के विद्यार्थियों तथा बी.एम.एल.टी. (बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर वर्ष 2019 से हेपेटाइटिस रोगियों को निःशुल्क जांच
विद्यार्थियों ने हेपेटाइटिस उन्मूलन के लिए जनजागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने तथा समाज में समय पर जांच एवं उपचार के महत्व का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार, प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, एल.एल.आर.एम. मेडिकल कॉलेज, मेरठ ने बताया कि मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर वर्ष 2019 से हेपेटाइटिस रोगियों को निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार की सेवाएं प्रदान कर रहा है। वर्तमान तक केंद्र में लगभग 30,000 हेपेटाइटिस-सी रोगी पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 17,000 मरीजों का उपचार प्रारंभ किया गया तथा करीब 12,250 मरीज सफलतापूर्वक उपचार पूर्ण कर स्वस्थ हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 से हेपेटाइटिस-बी के मरीजों का उपचार भी प्रारंभ किया गया है। अब तक लगभग 2,400 हेपेटाइटिस-बी रोगियों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से करीब 1,600 मरीजों का उपचार वर्तमान में संचालित है।
बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने में अपना योगदान दें
डॉ. अरविंद कुमार ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे समय पर हेपेटाइटिस की जांच कराएं तथा इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने में अपना योगदान दें। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं विद्यार्थियों ने “हेपेटाइटिस मुक्त भारत” के संकल्प को दोहराते हुए वर्ष 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एसआईसी डॉ. धीरज बलियान, सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनुपमा वर्मा, चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता सिंह, रक्ताधान (ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन) विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा सिंह, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा, डॉ. आभा गुप्ता, डॉ. संध्या गौतम, डॉ. श्वेता शर्मा, डॉ. स्नेलता वर्मा, डॉ. विवेक ऋषि, जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर चौधरी तथा एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. रचना टंडन सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने सहभागिता की।

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